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यूपी सरकार को महंगी पड़ेगी शिक्षकों की उपेक्षा
Thu, 27 Dec 2018 11:35 PM IST
मनदीप श्रीवास्तव
sonbhadra news
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Published by: मनदीप श्रीवास्तव
Updated Thu, 27 Dec 2018 11:35 PM IST
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माध्यमिक वित्तविहिन शिक्षक महासंघ के धरना में उपस्थित शिक्षक।
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सोनभद्र। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा की शिक्षक विरोधी योगी हटाओ, मानदेय पाओ सम्मान बचाओ रैली बृहस्पतिवार को जिले में आई। यहां शिक्षकों ने प्रदेश अध्यक्ष उमेश द्विवेदी के नेतृत्व में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना दिया और प्रदर्शन किया। सभा के बाद डीआईआईओ को ज्ञापन भी सौंपा गया।
यहां प्रदेश अध्यक्ष उमेश द्विवेदी ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षक अपने अधिकार की लड़ाई लड़ेगा। अपना अधिकार लेकर रहेगा। मुख्यमंत्री अपने असंवेदनशील वक्तव्य को तत्काल वापस लेते हुए प्रदेश के वित्तविहीन शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सम्मानजनक मानदेय की व्यवस्था करें। अन्यथा प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा में योगदान करने वाले करीब साढ़े तीन लाख शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपेक्षा सरकार को बहुत महंगी पड़ेगी। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं एमएलसी संजय कुमार मिश्र ने कहा कि अपने उज्जवल भविष्य की चाहत रखने वाले इन शिक्षकों को सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाली भाजपा सरकार से बड़ी उम्मीद थी। लेकिन यूपी सरकार ने पिछली सरकार के शुरू किय गए मानदेय को भी बंद कर दिया। महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रेनू मिश्रा ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग करने वाले तथा विरोध प्रदर्शन करने वाले इन शिक्षकों को अपमान करके उनका अधिकार न देना प्रदेश के मुख्यमंत्री का तानाशाही रवैया है। पूरे प्रदेश में रैली करके इस सरकार को उखाड़ फेंकने का काम महासभा करेगी। महासभा के प्रदेश प्रधान महासचिव अशोक कुमार राठौर ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपना हक मांगने वाले शिक्षकों का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा। इसे शिक्षक समाज कभी माफ नहीं करेगा। सभा में अखिलेश सिंह, रमाशंकर मिश्र, गौरव शुक्ला, रीतिका दूबे, प्रभा दूबे, श्यामधर मिश्रा, डॉ. कृष्ण मोहन यादव, उमाकांत मिश्रा, निशा पटेल, गणेश देव पांडेय, प्रमोद चौबे, वीएन यादव, प्रवेश यादव, गिरिजेश चौबे, अनिल सिंह, गुलाब राय मौजूद रहे।
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यहां प्रदेश अध्यक्ष उमेश द्विवेदी ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षक अपने अधिकार की लड़ाई लड़ेगा। अपना अधिकार लेकर रहेगा। मुख्यमंत्री अपने असंवेदनशील वक्तव्य को तत्काल वापस लेते हुए प्रदेश के वित्तविहीन शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सम्मानजनक मानदेय की व्यवस्था करें। अन्यथा प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा में योगदान करने वाले करीब साढ़े तीन लाख शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपेक्षा सरकार को बहुत महंगी पड़ेगी। कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं एमएलसी संजय कुमार मिश्र ने कहा कि अपने उज्जवल भविष्य की चाहत रखने वाले इन शिक्षकों को सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाली भाजपा सरकार से बड़ी उम्मीद थी। लेकिन यूपी सरकार ने पिछली सरकार के शुरू किय गए मानदेय को भी बंद कर दिया। महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रेनू मिश्रा ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग करने वाले तथा विरोध प्रदर्शन करने वाले इन शिक्षकों को अपमान करके उनका अधिकार न देना प्रदेश के मुख्यमंत्री का तानाशाही रवैया है। पूरे प्रदेश में रैली करके इस सरकार को उखाड़ फेंकने का काम महासभा करेगी। महासभा के प्रदेश प्रधान महासचिव अशोक कुमार राठौर ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपना हक मांगने वाले शिक्षकों का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा। इसे शिक्षक समाज कभी माफ नहीं करेगा। सभा में अखिलेश सिंह, रमाशंकर मिश्र, गौरव शुक्ला, रीतिका दूबे, प्रभा दूबे, श्यामधर मिश्रा, डॉ. कृष्ण मोहन यादव, उमाकांत मिश्रा, निशा पटेल, गणेश देव पांडेय, प्रमोद चौबे, वीएन यादव, प्रवेश यादव, गिरिजेश चौबे, अनिल सिंह, गुलाब राय मौजूद रहे।
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