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Sonebhadra News: छेड़खानी के मामले में दोषी को दो साल की सजा
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तीन वर्ष पूर्व घर में घुसकर सो रही किशोरी से छेड़खानी के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की कोर्ट ने बुधवार को दोषी को दो वर्ष कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर उसे एक माह और जेल में बिताना होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, पिपरी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने नौ सितंबर 2020 को थाने में तहरीर दी थी। अवगत कराया था कि 7-8 सितंबर की रात उसकी बेटी (13) अपने भाई के साथ घर में सोई थी। रात करीब 12:40 बजे डिंपल तिवारी उर्फ नित्यानंद निवासी तुर्रा उसके घर में घुसा और सो रही बेटी के साथ छेड़छाड़ करने लगा। बेटी के चिल्लाने की आवाज सुन बेटा जग गया तो आरोपी डिंपल तिवारी भाग गया। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और चार्जशीट कोर्ट में पेश की।
अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर डिंपल तिवारी उर्फ नित्यानंद को दोषी पाते हुए उसे दो साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।
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कोर्ट उठने तक की दी गई सजा
सोनभद्र। पुलिस के ऑपरेशन कंविक्शन के तहत तीन मामलों में कोर्ट ने दाेषियों को सजा सुनाई। उन्हें अर्थदंड के साथ न्यायालय उठने तक अभिरक्षा में रहने की सजा दी। ओबरा थाने में पंजीकृत आर्म्स एक्ट के मामले में बिल्ली निवासी मुरली राम 15000 रुपये के अर्थदंड व न्यायालय उठने तक की अवधि के लिए न्यायिक अभिरक्षा में रहने का दंड दिया गया। इसी थाने से जुड़े एनडीपीएस एक्ट के मामले में चूड़ी गली निवासी कुंडल पटेल को 8000 रुपये अर्थदंड व न्यायालय उठने तक की अवधि तक न्यायिक अभिरक्षा में रहने का दंड दिया। एक अन्य मामले में रीवा के मऊगंज निवासी सुशील कुमार मौर्य को न्यायालय उठने तक की अवधि के लिए न्यायिक अभिरक्षा व दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक, पिपरी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने नौ सितंबर 2020 को थाने में तहरीर दी थी। अवगत कराया था कि 7-8 सितंबर की रात उसकी बेटी (13) अपने भाई के साथ घर में सोई थी। रात करीब 12:40 बजे डिंपल तिवारी उर्फ नित्यानंद निवासी तुर्रा उसके घर में घुसा और सो रही बेटी के साथ छेड़छाड़ करने लगा। बेटी के चिल्लाने की आवाज सुन बेटा जग गया तो आरोपी डिंपल तिवारी भाग गया। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और चार्जशीट कोर्ट में पेश की।
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अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर डिंपल तिवारी उर्फ नित्यानंद को दोषी पाते हुए उसे दो साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।
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कोर्ट उठने तक की दी गई सजा
सोनभद्र। पुलिस के ऑपरेशन कंविक्शन के तहत तीन मामलों में कोर्ट ने दाेषियों को सजा सुनाई। उन्हें अर्थदंड के साथ न्यायालय उठने तक अभिरक्षा में रहने की सजा दी। ओबरा थाने में पंजीकृत आर्म्स एक्ट के मामले में बिल्ली निवासी मुरली राम 15000 रुपये के अर्थदंड व न्यायालय उठने तक की अवधि के लिए न्यायिक अभिरक्षा में रहने का दंड दिया गया। इसी थाने से जुड़े एनडीपीएस एक्ट के मामले में चूड़ी गली निवासी कुंडल पटेल को 8000 रुपये अर्थदंड व न्यायालय उठने तक की अवधि तक न्यायिक अभिरक्षा में रहने का दंड दिया। एक अन्य मामले में रीवा के मऊगंज निवासी सुशील कुमार मौर्य को न्यायालय उठने तक की अवधि के लिए न्यायिक अभिरक्षा व दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।