UP News: सोनांचल में सर्पदंश से फिर दो की मौत, छह वर्षीय बच्ची और महिला ने गंवाई जान
बारिश के बीच यूपी के सोनभद्र जिले में सर्पदंश की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। बीते 24 घंटे में दो लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं एक पखवाड़े में 12 मौत सर्पदंश की वजह से हुई है।
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बारिश के बीच यूपी के सोनभद्र जिले में सर्पदंश की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। बीते 24 घंटे में सर्पदंश के चलते छह वर्षीय मासूम समेत दो लोगों की मौत हो गई। राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में खेत में काम करने के दौरान महिला को सांप ने डस लिया तो ओबरा में बिस्तर पर सोते समय मासूम सर्पदंश का शिकार बन गई। दोनों को समय से समुचित उपचार नहीं मिल सका।
पहली घटना राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के कसया कलां गांव की है। गांव निवासी रामललित की पत्नी रमावती (40) पति के साथ खेत पर काम करने गई थी। घास साफ करने के बाद हाथ धोने टंकी के पास गई, तभी उसे जहरीले सांप ने डस लिया। चीखते हुए रमावती पति के पास पहुंची और उसे घटना की जानकारी दी।
पास में ही महिला का उपचार कराने के बाद कोई राहत न मिलने पर गाजीपुर में अमवा की सती माई धाम लेकर गए। वहां घंटों तक झाड़-फूंक के बाद भी राहत नहीं मिली। वहां से मायूस होने के बाद रमावती को लेकर पति जिला अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सो रही बच्ची को सांप ने डंसा
उधर, ओबरा कोतवाली अंतर्गत ग्राम पंचायत कन्हरा के टोला बाड़ी में शनिवार को सर्प दंश से छह वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। कन्हरा गांव निवासी संत कुमार सिंह ने बताया कि पुत्री आरती (6) घर के कमरे में सो रही थी। इसी दौरान उसे विषैले सर्प ने डंस लिया। परिजन आनन फानन उसे पास के निजी चिकित्सक के यहां ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गयी। मौत की सूचना पाते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
इधर-उधर न भटकें, सीधे सरकारी अस्पताल जाएं
सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि बारिश के बाद सर्पदंश के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। सांप के डंसने पर ज्यादातर लोग झाड़-फूंक या नीम-हकीम के फेर में पड़ जाते हैं। यही जान जाने की वजह भी बनती है। ऐसे मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। झाड़-फूंक के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें। सीधे जिला अस्पताल या आसपास के अन्य सरकारी अस्पताल पर ही मरीज को ले जाएं। वहां पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराई गई है। समय से उपचार मिलने पर मरीज की जान बचाई जा सकती है। नीम-हकीम के पास उपचार में समय बिताने खतरनाक साबित हो सकता है।