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हत्या के जुर्म में दो दोषियों को उम्रकैद की सजा
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सोनभद्र। सत्र न्यायाधीश रजत सिंह जैन की अदालत ने हत्या के दोषियों संदीप कुमार पटेल एवं विनोद कुमार पटेल को दोषसिद्ध पाकर उम्रकैद एवं एक लाख दस हजार-एक लाख दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक-एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं पीड़ित मां-बेटी को अर्थदंड में से 35-35 प्रतिशत धनराशि मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक करमा थाने में 3 अप्रैल 2016 को करमा थाना क्षेत्र के महुअरिया गांव निवासी संतोष दास सिंह ने तहरीर देकर अवगत कराया था कि वह जितनाथपुर में एक बिस्किट कंपनी में काम कर जीविकोपार्जन करता है। पत्नी अनीता तथा दोनों बेटियां प्रियंका व प्रीति गांव पर करमा थाना क्षेत्र के महुअरिया में रहती हैं, जबकि बेटा आशु उसके साथ रहता है। होली के दो-तीन दिन पहले उसकी गैर मौजूदगी में कुछ लड़के उसके घर जाकर पत्नी और बेटियों को गाली दी। इसके पीछे प्रमुख वजह यह रही कि उसकी छोटी बेटी प्रीति विंध्य पालीटेक्निक मड़िहान की छात्रा है जो पढ़ने में तेज है। इसीलिए बच्चे अपनी फाइल उससे बनवाने के लिए कह रहे थे, लेकिन बेटी ने इनकार कर दिया।
उसके बाद एक अप्रैल 2016 को रात करीब साढ़े ग्यारह बजे करमा थाना क्षेत्र के सहदेईया गांव निवासी संदीप कुमार पटेल एवं दो अन्य लड़के उनके घर में घुस आए। घर में आग लगा दिया। आग से पत्नी एवं दोनों बेटियां झुलस गई। बड़ी बेटी प्रियंका की सदर अस्पताल मिर्जापुर में मौत हो गई। इस मामले में करमा पुलिस ने हत्या समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की। विवेचना के दौरान विनोद कुमार पटेल का नाम प्रकाश में आया। विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोषसिद्ध पाकर दोषियों संदीप कुमार पटेल एवं विनोद कुमार पटेल को उपरोक्त सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से डीजीसी क्रिमिनल रामजियावन सिंह यादव एवं इंचार्ज डीजीसी क्रिमिनल सी शशांक शेखर कात्यायन ने बहस की।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक करमा थाने में 3 अप्रैल 2016 को करमा थाना क्षेत्र के महुअरिया गांव निवासी संतोष दास सिंह ने तहरीर देकर अवगत कराया था कि वह जितनाथपुर में एक बिस्किट कंपनी में काम कर जीविकोपार्जन करता है। पत्नी अनीता तथा दोनों बेटियां प्रियंका व प्रीति गांव पर करमा थाना क्षेत्र के महुअरिया में रहती हैं, जबकि बेटा आशु उसके साथ रहता है। होली के दो-तीन दिन पहले उसकी गैर मौजूदगी में कुछ लड़के उसके घर जाकर पत्नी और बेटियों को गाली दी। इसके पीछे प्रमुख वजह यह रही कि उसकी छोटी बेटी प्रीति विंध्य पालीटेक्निक मड़िहान की छात्रा है जो पढ़ने में तेज है। इसीलिए बच्चे अपनी फाइल उससे बनवाने के लिए कह रहे थे, लेकिन बेटी ने इनकार कर दिया।
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उसके बाद एक अप्रैल 2016 को रात करीब साढ़े ग्यारह बजे करमा थाना क्षेत्र के सहदेईया गांव निवासी संदीप कुमार पटेल एवं दो अन्य लड़के उनके घर में घुस आए। घर में आग लगा दिया। आग से पत्नी एवं दोनों बेटियां झुलस गई। बड़ी बेटी प्रियंका की सदर अस्पताल मिर्जापुर में मौत हो गई। इस मामले में करमा पुलिस ने हत्या समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की। विवेचना के दौरान विनोद कुमार पटेल का नाम प्रकाश में आया। विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोषसिद्ध पाकर दोषियों संदीप कुमार पटेल एवं विनोद कुमार पटेल को उपरोक्त सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से डीजीसी क्रिमिनल रामजियावन सिंह यादव एवं इंचार्ज डीजीसी क्रिमिनल सी शशांक शेखर कात्यायन ने बहस की।
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