बभनी। सेवाकुंज आश्रम कारीडांड चपकी में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वागत आदिवासी नृत्य करमा, शैला, डोमकच से कलाकारों ने किया। यहां छत्तीसगढ़ से आए माता राजमोहनी के भक्त कलाकारों ने अपने कला के जरिये लोगों को शाकाहारी और अहिंसा के पुजारी होने का संदेश दिया। छत्तीसगढ़ के विभिन्न गांवों तारकेश्वरपुर, गिरवानी, नवाटोला, बजिया, जौराही से 56 की संख्या में पुरुष और महिलाएं आई। सभी पुरुष व महिला माता राजमोहनी के अनुयायी थे। सभी लोगों ने मृदंग और करताल बजाकर मंच पर नाचकर सभी को शाकाहारी व अहिंसा होने का संदेश दिया।
राजमोहनी परिवार में रामभरोस, निर्मला देवी, रामसेवक, फूलपति, सीताराम, लक्षमनिया, मनोज कुमार, दिलीप कुमार, लक्ष्मन, राजकुमार, रामरुप, हीरकुंवर, देवरुप, राजाराम, लरंगशाह, फूलकुंवर, बुधन सिंह, फूलो देवी, झनदेहा ने करमा नृत्य का शानदार प्रदर्शन किया। वहीं हुलासो, सविता, पीताम्बर, मनबस, धनराज, सुरीतला, देवकुंवर, सोनामती, शांति, दिल सिंह, मानमती, देवलाल, मोहन ने शैला नृत्य प्रस्तुत किया। यहां की पार्वती, रामदेव, रामकिशुन, रामनारायण, वंशराज, बेचनी, रामसुंदर, रामसिंह, धनपतिया, समरतिया, मानकुंवर, नरेश, देवशरन, विजय सिंह, रामकुमार, जगेश्वर, पवन सिंह, रामशाय, बालरुप, दिल सिंह, रामप्रसाद और मोहन ने डोमकच नृत्य के जरिये अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। उधर मंचासीन महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनकी पत्नी पीछे एलईडी पर प्रसारित हो रहे आदिवासी नृत्य को कई बार पलटकर देखा।