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Sonebhadra News: पांच साल में पांच गुना बढ़ा ट्रैफिक लोड, फिर भी फोरलेन नहीं हुई सड़क
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हाथीनाला-औड़ीमोड़ मार्ग पर पिछले पांच वर्षों में ट्रैफिक लोड करीब पांच गुना बढ़ा है। बावजूद सुविधाएं नहीं बढ़ी है। लोग गड्ढे में गिरकर घायल हो रहे हैं। टू लेन सड़क पर आए घंटों जाम भी लोग झेल रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग-39 औड़ी से हाथीनाला तक टू लेन का काम कई वर्षों से अटका हुआ है। हाथीनाला से वाराणसी और औड़ी से शक्तिनगर तक तो हाईवे चौड़ीकरण का कार्य पूर्ण हो गया है, लेकिन औड़ी से हाथीनाला तक अभी भी टू लेन है। पहले इस मार्ग पर राख लदी गाड़ियों का परिवहन कम था।
अब पूर्वांचल में बन रही एनएचएआई की सभी सड़कों के लिए राख यहीं से जा रही है। हर रोज दो सौ से अधिक ट्रक राख निकलता है। इसके चलते आए दिन दुर्घटना व भारी वाहनों के ब्रेकडाउन से हाईवे पर जाम लग जाता है।
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रास्ते में कहीं भी रिफ्लेक्टर और लाइट की सुविधा नहीं है। हाईवे किनारे पटरियों की मरम्मत भी नहीं की जा रही है, जबकि ऊर्जांचल से सरकार को अरबों के राजस्व के साथ साल में 20 करोड़ से भी ऊपर सिर्फ रोड टैक्स, परमिट और फिटनेस के माध्यम से जाता है।
औड़ी-शक्तिनगर फोरलेन तो बना लेकिन इसका लाभ भी लोगों को नहीं मिला। अधूरी सड़क और सड़कों पर जमी कोल डस्ट एवं राख से आवागमन जानलेवा हो गया है।
हाईवे का सर्वे अंतिम चरण पर है। संबंधित विभागों से बातचीत कर सभी अवरोधों को दूर करने का प्रयास जारी है। मार्च में स्वीकृति लेकर अगले वित्तीय वर्ष में औड़ी से विंढमगंज चौड़ीकरण के लिए बजट मिल जाएगा। इसके बाद काम शुरू होने की संभावना है। -देवेंद्र पाल सिंह, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग मिर्जापुर क्षेत्र।
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राष्ट्रीय राजमार्ग-39 औड़ी से हाथीनाला तक टू लेन का काम कई वर्षों से अटका हुआ है। हाथीनाला से वाराणसी और औड़ी से शक्तिनगर तक तो हाईवे चौड़ीकरण का कार्य पूर्ण हो गया है, लेकिन औड़ी से हाथीनाला तक अभी भी टू लेन है। पहले इस मार्ग पर राख लदी गाड़ियों का परिवहन कम था।
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अब पूर्वांचल में बन रही एनएचएआई की सभी सड़कों के लिए राख यहीं से जा रही है। हर रोज दो सौ से अधिक ट्रक राख निकलता है। इसके चलते आए दिन दुर्घटना व भारी वाहनों के ब्रेकडाउन से हाईवे पर जाम लग जाता है।
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रास्ते में कहीं भी रिफ्लेक्टर और लाइट की सुविधा नहीं है। हाईवे किनारे पटरियों की मरम्मत भी नहीं की जा रही है, जबकि ऊर्जांचल से सरकार को अरबों के राजस्व के साथ साल में 20 करोड़ से भी ऊपर सिर्फ रोड टैक्स, परमिट और फिटनेस के माध्यम से जाता है।
औड़ी-शक्तिनगर फोरलेन तो बना लेकिन इसका लाभ भी लोगों को नहीं मिला। अधूरी सड़क और सड़कों पर जमी कोल डस्ट एवं राख से आवागमन जानलेवा हो गया है।
हाईवे का सर्वे अंतिम चरण पर है। संबंधित विभागों से बातचीत कर सभी अवरोधों को दूर करने का प्रयास जारी है। मार्च में स्वीकृति लेकर अगले वित्तीय वर्ष में औड़ी से विंढमगंज चौड़ीकरण के लिए बजट मिल जाएगा। इसके बाद काम शुरू होने की संभावना है। -देवेंद्र पाल सिंह, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग मिर्जापुर क्षेत्र।