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विकास करवाने के लिए किया प्रदर्शन
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Fri, 09 Jan 2015 10:53 PM IST
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सदर ब्लाक के तरावां के ग्रामीणों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और क्षेत्र का विकास कराने की मांग की। लोहिया गांव के रूप में चयनित होने के बावजूद गांव में विकास न होने पर ग्रामीणों ने असंतोष जाहिर की।
तरावां के ग्रामीण शुक्रवार की दोपहर भारी संख्या में कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने विकास कराने की मांग को लेकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि ग्राम पंचायत तरावां से राबर्ट्सगंज-खलियारी (मुख्य मार्ग) की दूरी तीन से चार किमी है। इस सड़क से होकर आसपास के करीब 15 गांव के ग्रामीण गुजरते हैं। मुख्य मार्ग पर जाने के लिए इसी गांव की सड़क का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बडे़-बडे़ गड्ढे हो गए हैं। गड्ढों की वजह से ग्राम पंचायत तरावां के साथ-साथ तमाम गांव के आम आदमी को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रदीप पांडेय ने बताया कि ग्राम पंचायत के गलियों की स्थिति ठीक नहीं है। गांव की पूरी गलियां जल जमाव से भरी रहती हैं। इस नाते गलियों में चलना फिरना मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने इस गांव को लोहिया गांव में शामिल कर लिया लेकिन शासन की योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने डीएम को पत्र देकर ग्राम पंचायत में विकास कराने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में मनोज पांडेय, बसंत पांडेय, रामकृष्ण देव, विवेकानंद, कौशलेश देव, रामचंदर भारती, विपीन तिवारी, अतुल देव शामिल रहे।
तरावां के ग्रामीण शुक्रवार की दोपहर भारी संख्या में कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने विकास कराने की मांग को लेकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना था कि ग्राम पंचायत तरावां से राबर्ट्सगंज-खलियारी (मुख्य मार्ग) की दूरी तीन से चार किमी है। इस सड़क से होकर आसपास के करीब 15 गांव के ग्रामीण गुजरते हैं। मुख्य मार्ग पर जाने के लिए इसी गांव की सड़क का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बडे़-बडे़ गड्ढे हो गए हैं। गड्ढों की वजह से ग्राम पंचायत तरावां के साथ-साथ तमाम गांव के आम आदमी को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रदीप पांडेय ने बताया कि ग्राम पंचायत के गलियों की स्थिति ठीक नहीं है। गांव की पूरी गलियां जल जमाव से भरी रहती हैं। इस नाते गलियों में चलना फिरना मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने इस गांव को लोहिया गांव में शामिल कर लिया लेकिन शासन की योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने डीएम को पत्र देकर ग्राम पंचायत में विकास कराने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में मनोज पांडेय, बसंत पांडेय, रामकृष्ण देव, विवेकानंद, कौशलेश देव, रामचंदर भारती, विपीन तिवारी, अतुल देव शामिल रहे।
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