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छिकड़ा डांड़ बंधी पर किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Tue, 26 Jan 2016 12:08 AM IST
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चोपन ब्लॉक के कोटा गांव स्थित छिकड़ा डाड़ बंधी पर सोमवार को ग्रामीणों ने
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प्रदर्शन किया। कहा कि बंधी के टूटने से हजारों एकड़ भूमि सिंचाई के अभाव
में बंजर हो गई है। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से शीघ्र बंधी का निर्माण
नहीं कराया जाता है तो आंदोलन किया जाएगा।
छप्पन टोले का कोटा ग्राम पंचायत है। वर्ष 2009-10 में घनघोर वर्षा हुई थी, जिसमें क्षेत्र के कई बंधी टूट गई थी। इसी दौरान छिकड़ा डाड़ बंधी भी टूट गई। जिसकी वजह से कई टोलो में पानी की किल्लत है।
कोटा के छिकड़ा डाड़ निवासी धरशाह, श्याम बिहारी, बीरशाह, शिवलाल, जगदीश, प्रकाश, रामलखन पनिका, धीरशाह, रामचरितर, संजय राज, ओम प्रकाश, राजाराम आदि ग्रामिणों ने कहा कि छिकड़ा डाड़ बंधी के पानी से पचासों किसानों के हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई होती थी।
पशुओं को पेयजल मुहैया होता था। किसानों से लेकर पशु-पक्षी सब बंधी का पानी पीते थे। छिकड़ा डाड़ की बंधी के टूटने के बाद से क्षेत्र के किसानों ने हमेंशा बंधी निर्माण की गुहार लगाई। छिकड़ा डाड़ से पटिहवा के लोगों का आवागमन भी बंधी के रास्ते ही हुआ करता था। जिसके टूट जाने से आवागमनभी बंद हो गया है।
शासन स्तर की टीम द्वारा भी पूर्व में बंधी का मौका मुआयना कर बंधी निर्माण की बात कही गई थी। प्रदर्शन करने वालों में लालजी, रामगोपाल, राजनरायण, राम सजीवन, जयबहादुर, राजेश, राजकुमार, रामगोपाल, रामपाल, कलावती, चरन सिंह, छोटेलाल, भगवंती, सत्यदेव आदि लोग मौजूद रहे।
छप्पन टोले का कोटा ग्राम पंचायत है। वर्ष 2009-10 में घनघोर वर्षा हुई थी, जिसमें क्षेत्र के कई बंधी टूट गई थी। इसी दौरान छिकड़ा डाड़ बंधी भी टूट गई। जिसकी वजह से कई टोलो में पानी की किल्लत है।
कोटा के छिकड़ा डाड़ निवासी धरशाह, श्याम बिहारी, बीरशाह, शिवलाल, जगदीश, प्रकाश, रामलखन पनिका, धीरशाह, रामचरितर, संजय राज, ओम प्रकाश, राजाराम आदि ग्रामिणों ने कहा कि छिकड़ा डाड़ बंधी के पानी से पचासों किसानों के हजारों एकड़ भूमि की सिंचाई होती थी।
पशुओं को पेयजल मुहैया होता था। किसानों से लेकर पशु-पक्षी सब बंधी का पानी पीते थे। छिकड़ा डाड़ की बंधी के टूटने के बाद से क्षेत्र के किसानों ने हमेंशा बंधी निर्माण की गुहार लगाई। छिकड़ा डाड़ से पटिहवा के लोगों का आवागमन भी बंधी के रास्ते ही हुआ करता था। जिसके टूट जाने से आवागमनभी बंद हो गया है।
शासन स्तर की टीम द्वारा भी पूर्व में बंधी का मौका मुआयना कर बंधी निर्माण की बात कही गई थी। प्रदर्शन करने वालों में लालजी, रामगोपाल, राजनरायण, राम सजीवन, जयबहादुर, राजेश, राजकुमार, रामगोपाल, रामपाल, कलावती, चरन सिंह, छोटेलाल, भगवंती, सत्यदेव आदि लोग मौजूद रहे।