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Sonebhadra News: सोनांचल में बनेगा प्रदेश का तीसरा जनजातीय संग्रहालय

Sun, 18 Aug 2024 10:52 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2024 10:52 PM IST
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Third tribal museum of the state will be built in Sonanchal
सोनभद्र। चार प्रांतों से घिरे आकांक्षी जनपद सोनभद्र को विकास के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल हुई है। जिले में प्रदेश का तीसरा जनजाति संग्रहालय स्थापित किया जाएगा। इसके लिए मारकुंडी गांव में जमीन चिह्नित की गई है। महराजगंज, मिर्जापुर के साथ ही सोनभद्र में जनजाति संग्रहालय का निर्माण होना है। इसको लेकर शासन स्तर पर कवायद चल रही है। करीब 34 करोड़ रुपये की लागत से संग्रहालय बनेगा। धन मिलते ही निर्माण शुरू हो जाएगा।
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प्रदेश में वर्तमान में 15 जनजातियां निवास करती हैं। जनपद सोनभद्र में निवास करने वाले जनजातीय समुदाय के लोगों की संख्या अधिक है। इनकी कला व संस्कृति की विरासत को सहेजने के लिए संग्रहालय का निर्माण कराया जाएगा। इसमें जनजातीय समुदाय से जुड़े खानपान को बढ़ावा देने के लिए फूड कोर्ट का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही जनजातीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए बिक्री स्थल भी होगा। स्थानीय उत्पादों की बिक्री होने से जनजातीय समुदाय आर्थिक रूप से स्वावलंबी हो सकेगा। जनजातीय समुदाय के परंपरागत वाद्य यंत्र व खेल के उपकरण भी संग्रहालय में देखने को मिलेंगे। समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव गोंड संग्रहालय का निर्माण कार्य शुरू कराए जाने के लिए काफी दिनों से प्रयासरत हैं। बलुई बंधी के समीप मारकुंडी गांव में 2.828 हेक्टेयर भूमि पर जनजातीय संग्रहालय का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए जमीन पहले ही चिह्नित कर ली गई है। पहली किस्त के रूप में 10 करोड़ मिलने की उम्मीद है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इस संबंध में राज्यमंत्री संजीव गोंड ने बताया कि संग्रहालय आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, ताकि देश विदेश से आने वाले पर्यटक जनजातीय शैली से रूबरू हो सकें।
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जनजाति विभाग करेगा संचालन
सदर ब्लॉक के मारकुंडी गांव में जनजातीय संग्रहालय का निर्माण होने के पश्चात इसकी देखरेख एवं संचालन की जिम्मेदारी जनजाति विभाग करेगा। शासन स्तर से विभाग में बदलाव कर दिया गया है। पहले सांस्कृतिक विभाग को यह जिम्मेदारी मिलने वाली थी। बता दें कि जनजाति संग्रहालय निर्माण की प्रक्रिया करीब ढ़ाई साल से चल रहा है। अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
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वर्जन:
जनजातीय संग्रहालय का निर्माण होने के बाद इसकी देखदेख की जिम्मेदारी जनजाति विभाग के पास होगी। पहले संस्कृति विभाग को जिम्मेदारी दी जानी थी। शासन स्तर से विभाग बदला गया है। संग्रहालय के निर्माण को जल्द पहली किस्त की धनराशि मिलने की उम्मीद है। धन मिलते ही सारी प्रक्रिया पूरी करते हुए निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। -रमाशंकर यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी-सोनभद्र।
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