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अभियंताओं ने थर्मल बैकिंग का किया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Fri, 03 Feb 2017 12:15 AM IST
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बिजली परियोजनाओं में बढ़ती थर्मल बैकिंग पर अभियंता संघ ने रोष दर्ज कराया। संघ के केंद्रीय अध्यक्ष इं. जीके मिश्रा तथा ओबरा-पिपरी क्षेत्र के क्षेत्रीय सचिव इं. अदालत वर्मा ने थर्मल बैकिंग का विरोध करते हुए बिजली प्रबंधन से जल्द से जल्द इसे समाप्त करने की मांग की है।
कहा कि काफी लंबे समय से अनपरा-ओबरा सहित अन्य बिजलीघरों में थर्मल बैकिंग कराई जा रही है। जिसकी वजह से जहां एक तरफ प्रदेश की जनता को निर्वाध बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वहीं सरकारी बिजली घरों को भारी वित्तीय हानि का खामियाजा भी भुगतना पड़ रहा है। कहा कि बिजली की मांग में गिरावट को दिखाते हुए थर्मल बैकिंग के नाम पर या तो बिजली उत्पादन कम किया जा रहा है या फिर सिस्टम कंट्रोल के जरिए पनकी, पारीछा की चलती हुई इकाइयों को बंद करा दिया जा रहा है। इससे इन इकाइयों का उत्पादन निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच पा रहा है। साथ ही ईंधन खपत भी बढ़ जा रही है। कहा कि इसी तरह थर्मल बैंकिंग की वजह से बीते अगस्त, सितंबर माह में निर्धारित लक्ष्य से कम विद्युत उत्पादन होने पर निगम प्रबंधन की ओर से एक तरफा कार्रवाई करते हुए सभी परियोजना प्रमुखों तथा कुछ मुख्य अभियंताओं को चार्जशीट जारी कर दिया गया था। इसी तरह अगर थर्मल बैकिंग जारी रहा तो बाद में फिर से निगम मुख्यालय की ओर से अपनी गलतियों को छिपाते हुए परियोजना स्तर पर अभियंताओं पर कार्रवाई की जा सकती है।
कहा कि काफी लंबे समय से अनपरा-ओबरा सहित अन्य बिजलीघरों में थर्मल बैकिंग कराई जा रही है। जिसकी वजह से जहां एक तरफ प्रदेश की जनता को निर्वाध बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। वहीं सरकारी बिजली घरों को भारी वित्तीय हानि का खामियाजा भी भुगतना पड़ रहा है। कहा कि बिजली की मांग में गिरावट को दिखाते हुए थर्मल बैकिंग के नाम पर या तो बिजली उत्पादन कम किया जा रहा है या फिर सिस्टम कंट्रोल के जरिए पनकी, पारीछा की चलती हुई इकाइयों को बंद करा दिया जा रहा है। इससे इन इकाइयों का उत्पादन निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच पा रहा है। साथ ही ईंधन खपत भी बढ़ जा रही है। कहा कि इसी तरह थर्मल बैंकिंग की वजह से बीते अगस्त, सितंबर माह में निर्धारित लक्ष्य से कम विद्युत उत्पादन होने पर निगम प्रबंधन की ओर से एक तरफा कार्रवाई करते हुए सभी परियोजना प्रमुखों तथा कुछ मुख्य अभियंताओं को चार्जशीट जारी कर दिया गया था। इसी तरह अगर थर्मल बैकिंग जारी रहा तो बाद में फिर से निगम मुख्यालय की ओर से अपनी गलतियों को छिपाते हुए परियोजना स्तर पर अभियंताओं पर कार्रवाई की जा सकती है।
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