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सत्रह गांवों में बिजली व्यवस्था में होगा सुधार
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राबर्ट्सगंज कम्हारी गांव में जर्जर विद्युत तार।
- फोटो : SONBHADRA
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नगर पालिका राबर्ट्सगंज में शामिल होने वाले गांवों में बिजली आपूर्ति सुधारने की कवायद शुरू हो गई है। बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए नए सब स्टेशन बनाने के साथ ही जर्जर तारों को हटाकर केबिल से आपूर्ति की जाएगी। हालांकि यह सब तब होगा जब यूपी सरकार की कैबिनेट से सीमा विस्तार को मंजूरी मिलेगी। साल भर से सीमा विस्तार का मामला लटका है, इसका खामियाजा नगर पालिका में शामिल होने वाले 17 गांवों के लोगों को भुगतान पड़ रहा है।
नगर पालिका परिषद राबर्ट्सगंज की आबादी तेजी से बढ़ रही है। नगरीय क्षेत्रों के अलावा आसपास के गांवों में बड़ी-बड़ी इमारतें तो बन रही हैं, लेकिन जलनिकासी आदि की सुविधाएं नहीं बढ़ रही हैं। इससे लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। करीब 47 साल पूर्व 1928 को राबट्र्सगंज को टाउन एरिया घोषित हुआ। 1973 में टाउन एरिया का विस्तार हुआ और 27 मार्च 1979 को नगर पालिका का दर्जा प्राप्त हो गया। चार दशक से अधिक समय से नगर पालिका के क्षेत्रफल का विस्तार न होने से विकास की गति सुस्त पड़ी है। ब्रम्हनगर, अंबेडकर नगर, विकास नगर, ब्रम्हनगर, उत्तर मोहाल समेत कई मोहल्ले में बिजली के जर्जर तार दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। यहीं हाल नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने जा रहे बभनौली, पकरी, घुवास खुर्द, सजौर, मेहुड़ी खुर्द, सहिजन कला, सहिजन खुर्द, पीथा, कम्हारी, बढ़ौली, पुसौली, इमरती, उरमौरा, छपका, रौप, लोढ़ी और बिचपई गांव का है। इन गांवों में भी बिजली के जर्जर तार व खंभें विकास कार्यों की पोल खोल रहे हैं। अब जरूरत के अनुसार नगर पालिका क्षेत्रों में नए सब स्टेशन की स्थापना करने के साथ ही जर्जर तारों को बदल कर केबिल से आपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा पुराने बिजली के खंभों को भी बदला जाएगा।
बिजली के तारों से बना रहता है भय
नगर पालिका क्षेत्र का विस्तार होने से आसपास के गांवों में विकास की संभावनाएं बढ़ जाएगी। दुर्घटनाओं को दावत दे रहे बिजली के तार और खंभें भी बदल दिए जाएंगे। यह कहना पकरी गांव निवासी मुन्ना सिंह का है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका में गांवों को शामिल होने से काफी समस्याएं दूर हो जाएगी। छपका गांव निवासी नागेंद्र मोदनवाल ने कहा कि घरों के पास गुजर रहे बिजली के तारों से दुर्घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है। इन तारों को चलते कभी कभार बिजली आपूर्ति भी बाधित हो जाती है। बभनौली गांव निवासी गोपीनाथ गिरि ने कहा कि साल भर से कैबिनेट में सीमा विस्तार की फाइल लटकी है, इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। रौप के रहने वाले मनीष कहते हैं कि बिजली के तारों और खंभों को ठीक करना जरूरी है, क्योंकि आंधी चलने और बारिश होने पर अक्सर आपूर्ति ठप हो जाती है। दुर्घटना भी होने का भय बना रहता है।
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नगर पालिका में शामिल हो रहे गांवों की बिजली आपूर्ति दुरुस्त करने के लिए प्लानिंग शुरू कर दी गई है। जरूरत के अनुसार नए सब स्टेशन भी बनवाने के लिए कार्ययोजना तैयार कराया जाएगा।
- एसके सिंह एक्सईएन बिजली विभाग
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नगर पालिका परिषद राबर्ट्सगंज की आबादी तेजी से बढ़ रही है। नगरीय क्षेत्रों के अलावा आसपास के गांवों में बड़ी-बड़ी इमारतें तो बन रही हैं, लेकिन जलनिकासी आदि की सुविधाएं नहीं बढ़ रही हैं। इससे लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। करीब 47 साल पूर्व 1928 को राबट्र्सगंज को टाउन एरिया घोषित हुआ। 1973 में टाउन एरिया का विस्तार हुआ और 27 मार्च 1979 को नगर पालिका का दर्जा प्राप्त हो गया। चार दशक से अधिक समय से नगर पालिका के क्षेत्रफल का विस्तार न होने से विकास की गति सुस्त पड़ी है। ब्रम्हनगर, अंबेडकर नगर, विकास नगर, ब्रम्हनगर, उत्तर मोहाल समेत कई मोहल्ले में बिजली के जर्जर तार दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। यहीं हाल नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने जा रहे बभनौली, पकरी, घुवास खुर्द, सजौर, मेहुड़ी खुर्द, सहिजन कला, सहिजन खुर्द, पीथा, कम्हारी, बढ़ौली, पुसौली, इमरती, उरमौरा, छपका, रौप, लोढ़ी और बिचपई गांव का है। इन गांवों में भी बिजली के जर्जर तार व खंभें विकास कार्यों की पोल खोल रहे हैं। अब जरूरत के अनुसार नगर पालिका क्षेत्रों में नए सब स्टेशन की स्थापना करने के साथ ही जर्जर तारों को बदल कर केबिल से आपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा पुराने बिजली के खंभों को भी बदला जाएगा।
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बिजली के तारों से बना रहता है भय
नगर पालिका क्षेत्र का विस्तार होने से आसपास के गांवों में विकास की संभावनाएं बढ़ जाएगी। दुर्घटनाओं को दावत दे रहे बिजली के तार और खंभें भी बदल दिए जाएंगे। यह कहना पकरी गांव निवासी मुन्ना सिंह का है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका में गांवों को शामिल होने से काफी समस्याएं दूर हो जाएगी। छपका गांव निवासी नागेंद्र मोदनवाल ने कहा कि घरों के पास गुजर रहे बिजली के तारों से दुर्घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है। इन तारों को चलते कभी कभार बिजली आपूर्ति भी बाधित हो जाती है। बभनौली गांव निवासी गोपीनाथ गिरि ने कहा कि साल भर से कैबिनेट में सीमा विस्तार की फाइल लटकी है, इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। रौप के रहने वाले मनीष कहते हैं कि बिजली के तारों और खंभों को ठीक करना जरूरी है, क्योंकि आंधी चलने और बारिश होने पर अक्सर आपूर्ति ठप हो जाती है। दुर्घटना भी होने का भय बना रहता है।
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नगर पालिका में शामिल हो रहे गांवों की बिजली आपूर्ति दुरुस्त करने के लिए प्लानिंग शुरू कर दी गई है। जरूरत के अनुसार नए सब स्टेशन भी बनवाने के लिए कार्ययोजना तैयार कराया जाएगा।
- एसके सिंह एक्सईएन बिजली विभाग