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Sonebhadra News: 50 मीटर की दूरी पर विद्यालय के एक तरफ शराब और दूसरी ओर बीयर की दुकान
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बभनी थाना क्षेत्र के सागोबांध गांव में सरकारी विद्यालय के पास शराब की दुकान संचालित होने से लोगों में नाराजगी है। विद्यालय के पास एक तरफ शराब की दुकान है तो दूसरी तरफ बीयर की दुकान है। लोगों ने जांच कराकर दोनों दुकान अन्यत्र स्थानांतरित कराने की मांग की है।
सागोबांध गांव में संचालित कंपोजिट विद्यालय के मुख्य गेट से 50 मीटर पर अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानें चलती है। दोनों दुकानों का लाइसेंस आबकारी विभाग ने ही जारी किया है, जबकि शासन ने विद्यालय और धार्मिक स्थल से 500 मीटर की परिधि में शराब की दुकान पर पाबंदी लगा रखी है।
लोगों का कहना है कि बॉर्डर से सटे इस बाजार की मदिरा की दुकानों पर भीड़ कई गुना बढ़ गई है। दुकान खुलते ही शराब पीने वाले यहां पहुंचना शुरू कर देते हैं और देर रात तक आवाजाही लगी रहती है।
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अक्सर नशे में धुत लोगों के बीच गाली गलौज और नोक-झोंक होती रहती है। विद्यालय से सटे ही शराब की दुकान होने से कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का नाम दूसरे स्कूलों में लिखवा दिया है।
करीब एक वर्ष से चल रही इस शराब की दुकान को हटवाने के लिए अभिभावकों के अलावा बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से भी पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
म्योरपुर के बीईओ विश्वजीत का कहना है कि दुकान यहां से हटवाने के लिए उन्होंने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा था, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी प्रवीण पांडेय का कहना है कि लाइसेंसधारक ने अनुबंध में दर्शाई गई चौहद्दी से अलग हटकर दुकान खोली होगी तो जांच कराकर दुकान को स्कूल से दूर हटवाया जाएगा।
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सागोबांध गांव में संचालित कंपोजिट विद्यालय के मुख्य गेट से 50 मीटर पर अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानें चलती है। दोनों दुकानों का लाइसेंस आबकारी विभाग ने ही जारी किया है, जबकि शासन ने विद्यालय और धार्मिक स्थल से 500 मीटर की परिधि में शराब की दुकान पर पाबंदी लगा रखी है।
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लोगों का कहना है कि बॉर्डर से सटे इस बाजार की मदिरा की दुकानों पर भीड़ कई गुना बढ़ गई है। दुकान खुलते ही शराब पीने वाले यहां पहुंचना शुरू कर देते हैं और देर रात तक आवाजाही लगी रहती है।
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अक्सर नशे में धुत लोगों के बीच गाली गलौज और नोक-झोंक होती रहती है। विद्यालय से सटे ही शराब की दुकान होने से कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का नाम दूसरे स्कूलों में लिखवा दिया है।
करीब एक वर्ष से चल रही इस शराब की दुकान को हटवाने के लिए अभिभावकों के अलावा बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से भी पत्राचार किया गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
म्योरपुर के बीईओ विश्वजीत का कहना है कि दुकान यहां से हटवाने के लिए उन्होंने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा था, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी प्रवीण पांडेय का कहना है कि लाइसेंसधारक ने अनुबंध में दर्शाई गई चौहद्दी से अलग हटकर दुकान खोली होगी तो जांच कराकर दुकान को स्कूल से दूर हटवाया जाएगा।