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Sonebhadra News: बिना मुहूर्त ही बजी शहनाई, 171 जोड़ों का हुआ सामूहिक विवाह
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चोपन रेलवे मैदान में मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह में शामिल वर-बधू।स्रोत सूचना विभाग
- फोटो : reasi news
चोपन। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शु्क्रवार को स्थानीय रेलवे मैदान में 171 जोड़ों का विवाह हुआ। इसमें 169 हिंदू और दो मुस्लिम जोड़े शामिल रहे। हिंदू पुरोहितों के मुताबिक चार दिसंबर के बाद से ही लग्न का कोई मुहूर्त नहीं है। बावजूद सामूहिक विवाह में शादी कराने को लेकर खूब चर्चा रही।
रेलवे मैदान में आयोजित विवाह समारोह को लेकर सुबह से ही वर-वधू और उनके परिवार के सदस्य मंडप में पहुंचने लगे थे। योजना के तहत कुल 188 जोड़ों की शादी का लक्ष्य निर्धारित था। हालांकि बायोमेट्रिक व रेटिना स्कैनिंग के बाद पात्र मिले 171 जोड़ों की शादी कराई गई।
कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड, विधायक सदर भूपेश चौबे, एससी-एसटी आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार ने कन्यादान किया। धूमधाम से बरात आई। इसका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें केंद्र व प्रदेश सरकार से संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
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प्रत्येक जोड़े को योजना के अनुसार पायल, बिछिया, साड़ी सेट, बर्तन व गृहस्थी के अन्य सामान दिए गए। इस मौके पर डीएम बद्रीनाथ सिंह, सीडीओ जागृति अवस्थी, डीडीओ हेमंत कुमार सिंह, बीएसए मुकुल आनंद पांडेय, डीसी मनरेगा रवींद्र वीर सिंह, डीपीआरओ नमिता शरण, डीआईओएस जयराम सिंह आदि मौजूद रहे।
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कहां से कितने जोड़े हुए शामिल
सामूहिक विवाह में विकासखंड राॅबर्ट्सगंज से 03, करमा से 15, चतरा से 05, नगवां से 03, चोपन से 21, ओबरा से 03, कोन से 08, दुद्धी से 30, बभनी से 29, म्योरपुर से 51, रेणुकूट से 02 एवं नगर पालिका राॅबर्ट्सगंज से 01 पात्र जोड़े सम्मिलित हुए।
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वर्जन...
महावीर पंचांग के अनुसार 11 दिसंबर की रात में ही शुक्र अस्त हो गए। शुक्र बार्धक का दोष चार दिसंबर से ही शुरू हो गया था। इस सीजन में शादी विवाह का आखिरी लग्न चार दिसंबर तक था, इसके बाद कोई लग्न नहीं है। -आचार्य संतोष कुमार द्विवेदी।
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11 दिसंबर को पूर्व दिशा में शुक्रास्त हो गया। रात 12 बजे के आगे कोई विवाह आदि का मुहूर्त नहीं है। अगर कोई विवाह आदि कर रहा है तो वह शास्त्र विरुद्ध है। -पं. विशाल चौबे शास्त्री।
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वर्जन...
खरमास शुरू होने के बाद मांगलिक कार्यों पर प्रतिबंध की मान्यता है। अभी उसमें समय है। विद्वान पुरोहितों से चर्चा के बाद उन्हीं की देखरेख में उनके माध्यम से ही अच्छे मुहूर्त में शादी समारोह संपन्न कराया गया है। -ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी।
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रेलवे मैदान में आयोजित विवाह समारोह को लेकर सुबह से ही वर-वधू और उनके परिवार के सदस्य मंडप में पहुंचने लगे थे। योजना के तहत कुल 188 जोड़ों की शादी का लक्ष्य निर्धारित था। हालांकि बायोमेट्रिक व रेटिना स्कैनिंग के बाद पात्र मिले 171 जोड़ों की शादी कराई गई।
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कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड, विधायक सदर भूपेश चौबे, एससी-एसटी आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार ने कन्यादान किया। धूमधाम से बरात आई। इसका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें केंद्र व प्रदेश सरकार से संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
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प्रत्येक जोड़े को योजना के अनुसार पायल, बिछिया, साड़ी सेट, बर्तन व गृहस्थी के अन्य सामान दिए गए। इस मौके पर डीएम बद्रीनाथ सिंह, सीडीओ जागृति अवस्थी, डीडीओ हेमंत कुमार सिंह, बीएसए मुकुल आनंद पांडेय, डीसी मनरेगा रवींद्र वीर सिंह, डीपीआरओ नमिता शरण, डीआईओएस जयराम सिंह आदि मौजूद रहे।
कहां से कितने जोड़े हुए शामिल
सामूहिक विवाह में विकासखंड राॅबर्ट्सगंज से 03, करमा से 15, चतरा से 05, नगवां से 03, चोपन से 21, ओबरा से 03, कोन से 08, दुद्धी से 30, बभनी से 29, म्योरपुर से 51, रेणुकूट से 02 एवं नगर पालिका राॅबर्ट्सगंज से 01 पात्र जोड़े सम्मिलित हुए।
वर्जन...
महावीर पंचांग के अनुसार 11 दिसंबर की रात में ही शुक्र अस्त हो गए। शुक्र बार्धक का दोष चार दिसंबर से ही शुरू हो गया था। इस सीजन में शादी विवाह का आखिरी लग्न चार दिसंबर तक था, इसके बाद कोई लग्न नहीं है। -आचार्य संतोष कुमार द्विवेदी।
11 दिसंबर को पूर्व दिशा में शुक्रास्त हो गया। रात 12 बजे के आगे कोई विवाह आदि का मुहूर्त नहीं है। अगर कोई विवाह आदि कर रहा है तो वह शास्त्र विरुद्ध है। -पं. विशाल चौबे शास्त्री।
वर्जन...
खरमास शुरू होने के बाद मांगलिक कार्यों पर प्रतिबंध की मान्यता है। अभी उसमें समय है। विद्वान पुरोहितों से चर्चा के बाद उन्हीं की देखरेख में उनके माध्यम से ही अच्छे मुहूर्त में शादी समारोह संपन्न कराया गया है। -ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी।