फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   The virtue done on Akshaya Navami does not decay

अक्षय नवमी को किया जाने वाला पुण्य नहीं होता क्षय

Tue, 01 Nov 2022 09:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 01 Nov 2022 09:45 PM IST
विज्ञापन
The virtue done on Akshaya Navami does not decay
सोनभद्र। देवोत्थान एकादशी से दो दिन पहले मनाई जाने वाली अक्षय नवमी का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किया जाने वाला दान-पुण्य कभी क्षय नहीं होता है। अक्षय नवमी को आंवला के पेड़ के नीचे भोजन पकाकर परिवार के साथ खाना चाहिए। कोहड़े के साथ रत्न दान करने का भी विधान है।
विज्ञापन

ज्योतिषाचार्य डॉ. सुरेंद्र नाथ तिवारी के मुताबिक कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अक्षय नवमी के रूप में मनाया जाता है। सनातन धर्म में अक्षय नवमी के दिन दानपुण्य एवं अनुष्ठान करने का विशेष फल बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन जो व्यक्ति दान पुण्य करता है वह क्षय नहीं होता है। वैसे तो कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष में किसी भी दिन आंवले के पेड़ के नीचे भोजन किया जा सकता है। मगर, अक्षय नवमी के दिन आंवले के पेड़ के नीचे भोजन पकाकर ब्राह्मण को खिलाने के बाद परिवार के साथ खुद भोजन करना विशेष फलदायी माना गया है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन कुष्मांडा के गर्भ में रखकर (कोहड़े के साथ) सोना-चांदी का गुप्तदान किया जाता है। इस दिन ऐसा गुप्त दान करना चाहिए जो दान लेने वाले को दान किया रत्न न दिखाई दें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed