नेशनल लेबल मॉनिटरिंग (एनएलएम) की तीन सदस्यीय टीम शुक्रवार को दोपहर में सांसद आदर्श गांव नगवां में सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने पहुंची। वहां पंचायत भवन पर चौपाल लगाकर कर ग्रामीणों से योजनाओं के बारे में पूछताछ की। टीम को ग्रामीण शीतला प्रसाद ने बताया कि नगवां में 2017 से गांव में प्रत्येक घर तक पानी देने के उद्देश्य से टंकी बनकर तैयार है। पंचायत भवन परिसर में सबमर्सिबल भी लगा है। लेकिन ग्रामीणों को शुद्ध पीने का पानी नहीं मिला। बताया कि चुनाव के बाद कोई बैठक नहीं हुई, जिससे योजनाओं का पता नहीं चल पा रहा है। ग्रामीण संजय कुमार ने बताया कि पिछले साल शौचालय मिला। ठेकेदार ने ईंट व बालू गिराकर चले गए। शौचालय हमने खुद से तैयार किया। अब शौचालय बना दिया, लेकिन अभी तक पैसा नहीं मिला। महिला मंजू देवी व देवंती ने मनरेगा का पैसा न मिलने की शिकायत की। जिस पर टीम के अधिकारी ने मनरेगा सेल में कार्यरत कर्मचारी से मामले की पूछताछ की और जल्द श्रमिकों के खाते में पैसा भेजने का निर्देश दिया। ग्रामीणों ने पीने के पानी की समस्या दूर करने की मांग की। टीम ने गांव में साढ़े छह करोड़ रुपये से बने जलसंयंत्र को भी देखा। टीम के सदस्यों ने बताया कि गांव की स्थिति कुछ ठीक नहीं है, जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को की जाएगी। एनएलएम की टीम में विनोद कुमार, मीनाक्षी, देवेंद्र के साथ डीसी मनरेगा मौजूद रहें। वहीं टीम के साथ एडीओ पंचायत समर बहादुर, भारत भूषण भारती, संजय यादव, राघवेंद्र सिंह, अरशद ख़ां आदि मौजूद रहे।