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कई दिनों बाद निकली धूप, मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Sat, 10 Dec 2016 09:53 PM IST
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शनिवार की सुबह वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर कोहरे के बीच जाता वाहन।
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सोनांचल में शीतलहर जारी है। शनिवार को भी ऊर्जांचल परिक्षेत्र के साथ ही पूरे जिले में कोहरा छाया रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 6.05 डिग्री तक लुढ़कने से सुबह के वक्त देर तक कंपकंपी छूटती रही। इसके चलते जहां विद्यार्थियों को स्कूल जाने में परेशानी हुई। वहीं यात्रियों को ठिठुरती हालत में बस, ट्रेन की यात्रा करनी पड़ी। हालांकि सुबह नौ बजे के बाद धूप खिलने से दिन में राहत रही। इससे अधिकतम तापमान भी बढ़कर 19.6 डिग्री पहुंच गया। वहीं शाम ढलने के साथ ही गलन शुरू होने से लोग घरों में कैद हो गए।
दिसंबर माह की शुरुआत से ही कड़ाके की ठंड जारी है। शनिवार की सुबह भी लोगों का घने कोहरे से सामना हुआ। इस कारण लोग देर तक बिस्तर में ही दुबके रहे। वहीं तमाम लोग घर पर अलाव जलाकर ठंड से राहत की जुगत में जुटे रहे। कई निजी विद्यालयों के खुलने का समय अभी भी सुबह आठ बजे होने से बच्चों को कांपती हालत में स्कूल जाना पड़ा। इसके चलते गांवों में रबी बुआई का काम भी प्रभावित रहा। सावर्जनिक स्थलों पर अलाव न जलाने जाने तथा अभी तक गरीबों को कंबल वितरण शुरू न किए जाने से भी तमाम लोगों को ठिठुरते हुए रात गुजारनी पड़ी। अनपरा, शक्तिनगर, ककरी, बीना, सिंगरौली, रेणुसागर सभी इलाकों में ठंड का असर जनजीवन पर बना रहा।
उधर, बीजपुर, डाला, बभनी संवाददाता के मुताबिक कोहरे और ठंड ने जनजीवन की रफ्तार रोक दी है। शनिवार को न्यूनतम पारा और तेजी से लुढ़कने से गरीबों की शामत आ गई है। घने कोहरे का असर फसलों पर भी पड़ने लगा है। खासकर अरहर सहित अन्य फसलों को लेकर किसान चिंतित हो उठे हैं। ठंड के चलते शाम ढलते ही बाजार सूने हो जा रहे हैं।
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दिसंबर माह की शुरुआत से ही कड़ाके की ठंड जारी है। शनिवार की सुबह भी लोगों का घने कोहरे से सामना हुआ। इस कारण लोग देर तक बिस्तर में ही दुबके रहे। वहीं तमाम लोग घर पर अलाव जलाकर ठंड से राहत की जुगत में जुटे रहे। कई निजी विद्यालयों के खुलने का समय अभी भी सुबह आठ बजे होने से बच्चों को कांपती हालत में स्कूल जाना पड़ा। इसके चलते गांवों में रबी बुआई का काम भी प्रभावित रहा। सावर्जनिक स्थलों पर अलाव न जलाने जाने तथा अभी तक गरीबों को कंबल वितरण शुरू न किए जाने से भी तमाम लोगों को ठिठुरते हुए रात गुजारनी पड़ी। अनपरा, शक्तिनगर, ककरी, बीना, सिंगरौली, रेणुसागर सभी इलाकों में ठंड का असर जनजीवन पर बना रहा।
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उधर, बीजपुर, डाला, बभनी संवाददाता के मुताबिक कोहरे और ठंड ने जनजीवन की रफ्तार रोक दी है। शनिवार को न्यूनतम पारा और तेजी से लुढ़कने से गरीबों की शामत आ गई है। घने कोहरे का असर फसलों पर भी पड़ने लगा है। खासकर अरहर सहित अन्य फसलों को लेकर किसान चिंतित हो उठे हैं। ठंड के चलते शाम ढलते ही बाजार सूने हो जा रहे हैं।
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