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सातवीं इकाई पांच दिन के लिए बंद
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Sat, 24 Dec 2016 10:09 PM IST
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2630 मेगावाट वाली अनपरा परियोजना की पांच सौ मेगावाट वाली सातवीं इकाई डक्ट में अत्यधिक राख भराव के कारण शनिवार की सुबह पांच दिन के लिए बंद कर दी गई। इसी क्षमता की पांचवीं इकाई ट्यूब लिकेज के चलते शुक्रवार से ही बंद चल रही है। इसके चलते प्रदेश में एक हजार मेगावाट बिजली की कमी हो गई। इसके चलते शक्ति भवन स्थित सिस्टम कंट्रोल को सूबे के कई हिस्सों में आपात कटौती का सहारा लेना पड़ा। स्थिति नियंत्रित करने के लिए लंबे समय से चल रही थर्मल बैकिंग भी रोक दी गई। 210 मेगावाट वाली तीसरी इकाई को दोपहर बारह बजे लाइटअप कर लिया गया। रविवार सुबह तक इस इकाई को उत्पादन पर ले लिया जाएगा।
अनपरा की बिजली प्रदेश में सबसे अधिक सस्ती होने के कारण थर्मल बैकिंग के समय भी यहां अधिक से अधिक बिजली उत्पादन पर जोर रहता है। शनिवार की सुबह जब पांच सौ मेगावाट पांचवीं इकाई ट्रिप हुई तो निजी क्षेत्र की लैंको और राज्य सेक्टर में कराई जा रही थर्मल बैकिंग को रोककर किसी तरह स्थिति संभाली गई लेकिन शनिवार की सुबह जब ब्वायलर के डक्ट से राख निकासी के लिए पूर्ण क्षमता से चल रही पांच सौ मेगावाट की सातवीं इकाई को बंद किया गया तो शक्ति भवन तक खलबली मच गई। वहीं परियोजना का उत्पादन लुढ़ककर 13 सौ मेगावाट के आसपास आ गया। इसको देखते हुए सूबे के कई हिस्सों में आपात कटौती कराई गई। जीएम एके सिंह ने बताया कि पांचवीं इकाई से सोमवार तक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। सातवीं को डक्ट से पूरी तरह राख निकासी के बाद ही उत्पादन पर लिया जाएगा। इसमें पांच दिन का वक्त लगने की संभावना है। अनुरक्षण के चलते दो माह से बंद चल रही तीसरी इकाई को लाइटअप कर उत्पादन पर लेने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। रविवार सुबह तक इसे उत्पादन पर ले लिया जाएगा।
अनपरा की बिजली प्रदेश में सबसे अधिक सस्ती होने के कारण थर्मल बैकिंग के समय भी यहां अधिक से अधिक बिजली उत्पादन पर जोर रहता है। शनिवार की सुबह जब पांच सौ मेगावाट पांचवीं इकाई ट्रिप हुई तो निजी क्षेत्र की लैंको और राज्य सेक्टर में कराई जा रही थर्मल बैकिंग को रोककर किसी तरह स्थिति संभाली गई लेकिन शनिवार की सुबह जब ब्वायलर के डक्ट से राख निकासी के लिए पूर्ण क्षमता से चल रही पांच सौ मेगावाट की सातवीं इकाई को बंद किया गया तो शक्ति भवन तक खलबली मच गई। वहीं परियोजना का उत्पादन लुढ़ककर 13 सौ मेगावाट के आसपास आ गया। इसको देखते हुए सूबे के कई हिस्सों में आपात कटौती कराई गई। जीएम एके सिंह ने बताया कि पांचवीं इकाई से सोमवार तक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। सातवीं को डक्ट से पूरी तरह राख निकासी के बाद ही उत्पादन पर लिया जाएगा। इसमें पांच दिन का वक्त लगने की संभावना है। अनुरक्षण के चलते दो माह से बंद चल रही तीसरी इकाई को लाइटअप कर उत्पादन पर लेने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। रविवार सुबह तक इसे उत्पादन पर ले लिया जाएगा।
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