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एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समेत पांच की सेवा समाप्त
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सोनभद्र। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह ने एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं पांच आंगनबाड़ी सहायिका की सेवा समाप्त कर दी है। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। बर्खास्त आंगनबाड़ी सहायिकाओं पर नियमित रूप से आंगनबाड़ी केन्द्रों पर न जाने एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर पोषाहार का नियमित एवं निर्धारित मात्रा में वितरण नहीं करने का आरोप है। उधर पांच कार्यकर्ताओं की एक साथ सेवा समाप्त किए जाने से विभाग में खलबली मच गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी के मुताबिक नगवां ब्लॉक के शिकरवार की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शकुन्तला देवी की सेवा समाप्त कर दी गई है। इनके द्वारा नियमित रूप से एवं निर्धारित मात्रा में पोषाहार का वितरण लाभार्थियों को नहीं किया जा रहा था। कई बार जारी नोटिस का जवाब संतोषजनक न देने के कारण उनकी सेवा समाप्त कर दी गयी है। विकास खण्ड चोपन के आंगनबाडी केन्द्र ललमटिया जुगैल और नगर पंचायत दुद्धी के वार्ड नंबर तीन की आंगनबाड़ी सहायिका प्रमिला देवी विगत कई माह से केन्द्र पर नहीं जा रही थी। इसलिए उक्त दोनों को बर्खास्त कर दिया गया। इसी तरह से नगर पंचायत चोपन के वार्ड नबर चार की आंगनबाड़ी सहायिका श्वेता शर्मा कई साल से केन्द्र पर नही जा रही थी। जारी नोटिस का कोई जवाब भी उनके द्वारा नहीं दिया गया, इस वजह से उनकी मानदेय आधारित सेवा समाप्त कर दी गयी है। शहर परियोजना के नगर पंचायत ओबरा की आंगनबाड़ी सहायिका सुनीता तिवारी नवंबर 2018 से लगातार केन्द्र पर अनुपस्थित रही है। विभाग की तरफ से जारी विभिन्न नोटिसों का जवाब उनके द्वारा नहीं दिया गया विकास खण्ड दुद्धी के आंगनबाड़ी केन्द्र पतरिहा प्रथम की आंगनबाड़ी सहायिका गुलाबी देवी भी पिछले कई माह से अनुपस्थित थी। टीकाकरण एवं पोषाहार वितरण में भी सहयोग नहीं कर रही थी। उक्त दोनों को भी बर्खास्त कर दिया गया। डीपीओ ने कहा कि जिनकी सेवा समाप्त की गयी है उन लोगों को बाल विकास परियोजना के स्तर से कई बार कारण बताओं नोटिस एवं अधोहस्ताक्षरी द्वारा अंतिम अवसर प्रदान करते हुए सेवा समाप्ति की नोटिस जारी की गयी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शकुन्तला एवं आंगनबाड़ी सहायिका सुनीता तिवारी द्वारा नोटिस का जवाब दिया गया जो संतोषजनक एवं साक्ष्य रहित था। शेष चार सहायिकाओं द्वारा जारी नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया। जिसके कारण उपरोक्त सभी को दोषी मानते हुए नियमानुसार सेवा समाप्त कर दी गयी।
दो मुख्य सेविकाओं को प्रतिकूल प्रवृष्टि
सोनभद्र। डीपीओ अजीत सिंह ने बताया कि चोपन विकास खण्ड के आंगनबाड़ी केन्द्र पकरी की कार्यकर्ता अन्तिमा देवी एवं आंगनबाडी केन्द्र मगरदहा की कार्यकर्ता गीता देवी द्वारा शतप्रतिशत लाभार्थियों को पोषाहार वितरण नहीं किया गया। बाल विकास परियोजना अधिकारी चोपन द्वारा क्षेत्रीय मुख्य सेविका के साथ संयुक्त रूप से जांच कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अन्तिमा से 33646 रुपये तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गीता से 35640 रुपये विभागीय खाते में जमा कराया गया। शिथिल पर्यवेक्षण के लिए क्षेत्रीय मुख्य सेविका पुष्पा एवं विनीता देवी के प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान करने की संस्तुति सक्षम स्तर से करते हुए। प्रकरण की विस्तृत जांच कर आख्या देने के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी चोपन को निर्देशित किया गया है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी के मुताबिक नगवां ब्लॉक के शिकरवार की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शकुन्तला देवी की सेवा समाप्त कर दी गई है। इनके द्वारा नियमित रूप से एवं निर्धारित मात्रा में पोषाहार का वितरण लाभार्थियों को नहीं किया जा रहा था। कई बार जारी नोटिस का जवाब संतोषजनक न देने के कारण उनकी सेवा समाप्त कर दी गयी है। विकास खण्ड चोपन के आंगनबाडी केन्द्र ललमटिया जुगैल और नगर पंचायत दुद्धी के वार्ड नंबर तीन की आंगनबाड़ी सहायिका प्रमिला देवी विगत कई माह से केन्द्र पर नहीं जा रही थी। इसलिए उक्त दोनों को बर्खास्त कर दिया गया। इसी तरह से नगर पंचायत चोपन के वार्ड नबर चार की आंगनबाड़ी सहायिका श्वेता शर्मा कई साल से केन्द्र पर नही जा रही थी। जारी नोटिस का कोई जवाब भी उनके द्वारा नहीं दिया गया, इस वजह से उनकी मानदेय आधारित सेवा समाप्त कर दी गयी है। शहर परियोजना के नगर पंचायत ओबरा की आंगनबाड़ी सहायिका सुनीता तिवारी नवंबर 2018 से लगातार केन्द्र पर अनुपस्थित रही है। विभाग की तरफ से जारी विभिन्न नोटिसों का जवाब उनके द्वारा नहीं दिया गया विकास खण्ड दुद्धी के आंगनबाड़ी केन्द्र पतरिहा प्रथम की आंगनबाड़ी सहायिका गुलाबी देवी भी पिछले कई माह से अनुपस्थित थी। टीकाकरण एवं पोषाहार वितरण में भी सहयोग नहीं कर रही थी। उक्त दोनों को भी बर्खास्त कर दिया गया। डीपीओ ने कहा कि जिनकी सेवा समाप्त की गयी है उन लोगों को बाल विकास परियोजना के स्तर से कई बार कारण बताओं नोटिस एवं अधोहस्ताक्षरी द्वारा अंतिम अवसर प्रदान करते हुए सेवा समाप्ति की नोटिस जारी की गयी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शकुन्तला एवं आंगनबाड़ी सहायिका सुनीता तिवारी द्वारा नोटिस का जवाब दिया गया जो संतोषजनक एवं साक्ष्य रहित था। शेष चार सहायिकाओं द्वारा जारी नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया। जिसके कारण उपरोक्त सभी को दोषी मानते हुए नियमानुसार सेवा समाप्त कर दी गयी।
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दो मुख्य सेविकाओं को प्रतिकूल प्रवृष्टि
सोनभद्र। डीपीओ अजीत सिंह ने बताया कि चोपन विकास खण्ड के आंगनबाड़ी केन्द्र पकरी की कार्यकर्ता अन्तिमा देवी एवं आंगनबाडी केन्द्र मगरदहा की कार्यकर्ता गीता देवी द्वारा शतप्रतिशत लाभार्थियों को पोषाहार वितरण नहीं किया गया। बाल विकास परियोजना अधिकारी चोपन द्वारा क्षेत्रीय मुख्य सेविका के साथ संयुक्त रूप से जांच कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अन्तिमा से 33646 रुपये तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गीता से 35640 रुपये विभागीय खाते में जमा कराया गया। शिथिल पर्यवेक्षण के लिए क्षेत्रीय मुख्य सेविका पुष्पा एवं विनीता देवी के प्रतिकूल प्रविष्टि प्रदान करने की संस्तुति सक्षम स्तर से करते हुए। प्रकरण की विस्तृत जांच कर आख्या देने के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी चोपन को निर्देशित किया गया है।
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