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Sonebhadra News: ट्रकों का मार्ग बदलवाने वालोंं की तलाश शुरू
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लिंकेज का रियायती कोयला कोयला लदे पकड़े गए चार ट्रकों के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है।
पुलिस इस तथ्य की जानकारी जुटा रही है किसके इशारे पर ट्रक चालकों ने रास्ता परिवर्तित किया।
मध्यप्रदेश के नागदा (इंदौर) स्थित ग्रासिम इंडस्ट्रीज का एनसीएल बीना के साथ कोयला आपूर्ति का अनुबंध है।
करार के मुताबिक बीना से मोरवा (सिंगरौली, मप्र) रेलवे साइडिंग तक ट्रक ट्रेलरों के जरिये कोयला पहुंचाने की जिम्मेदारी ट्रांसपोर्टर की है।
मोरवा से रेल रैक के माध्यम से कोयला तय गंतव्य तक पहुंचता है। कोयला प्रेषण की इसी व्यवस्था में सेंधमारी कर ट्रांसपोर्टर लंबे समय से खेल खेल रहे थे।
दो दिन पहले पिपरी थाना क्षेत्र में कोयला लदे तीन ट्रकों को वन विभाग की टीम ने कागजात के अभाव में पकड़ा जबकि चौथे ट्रक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक वाहन छोड़ भाग गए। इसी वजह से कई तथ्यों का खुलासा नहीं हो सका।
माना जा रहा है कि पूरे मामले की जांच हुई तो बड़े कारोबारियों की चेहरे बेनकाब होंगे।
स्थानीय स्तर पर एक निर्धारित परिधि में कोयला ट्रांसपोर्ट ट्रेलर के जरिये किया जाता है।
इससे लोडिंग अनलोडिंग में समय के साथ ट्रांसपोर्टर के अन्य तरह के खर्च बचते हैं लेकिन यहां बड़ी गाड़ी (ट्रकों) में कोयला भरा गया था। इसलिए एनसीएल बीना के अधिकारी भी संदेह के घेरे में हैं। इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं।
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पुलिस इस तथ्य की जानकारी जुटा रही है किसके इशारे पर ट्रक चालकों ने रास्ता परिवर्तित किया।
मध्यप्रदेश के नागदा (इंदौर) स्थित ग्रासिम इंडस्ट्रीज का एनसीएल बीना के साथ कोयला आपूर्ति का अनुबंध है।
करार के मुताबिक बीना से मोरवा (सिंगरौली, मप्र) रेलवे साइडिंग तक ट्रक ट्रेलरों के जरिये कोयला पहुंचाने की जिम्मेदारी ट्रांसपोर्टर की है।
मोरवा से रेल रैक के माध्यम से कोयला तय गंतव्य तक पहुंचता है। कोयला प्रेषण की इसी व्यवस्था में सेंधमारी कर ट्रांसपोर्टर लंबे समय से खेल खेल रहे थे।
दो दिन पहले पिपरी थाना क्षेत्र में कोयला लदे तीन ट्रकों को वन विभाग की टीम ने कागजात के अभाव में पकड़ा जबकि चौथे ट्रक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक वाहन छोड़ भाग गए। इसी वजह से कई तथ्यों का खुलासा नहीं हो सका।
माना जा रहा है कि पूरे मामले की जांच हुई तो बड़े कारोबारियों की चेहरे बेनकाब होंगे।
स्थानीय स्तर पर एक निर्धारित परिधि में कोयला ट्रांसपोर्ट ट्रेलर के जरिये किया जाता है।
इससे लोडिंग अनलोडिंग में समय के साथ ट्रांसपोर्टर के अन्य तरह के खर्च बचते हैं लेकिन यहां बड़ी गाड़ी (ट्रकों) में कोयला भरा गया था। इसलिए एनसीएल बीना के अधिकारी भी संदेह के घेरे में हैं। इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं।