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उत्पादन की प्रक्रिया हुई पूरी
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Tue, 10 May 2016 12:13 AM IST
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राज्य बिजली बोर्ड ने प्रदेश विद्युत नियामक आयोग को 33 फीसदी तक दरें बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है।
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आखिरकार अनपरा डी की पांच सौ मेगावाट वाली पहली इकाई के वाणिज्यिक उत्पादन की प्रक्रिया सोमवार को पूरी कर ली गई। इसी के साथ इससे 36 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का भी लक्ष्य पूरा हो गया। वाणिज्यिक उत्पादन पर आने की तिथि पर अंतिम मुहर लगाने के लिए रिपोर्ट सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी के स्तर से राज्य उत्पादन निगम को भेज दी गई। वहां से भी तीन-चार दिन में वाणिज्यिक उत्पादन की प्रक्रिया पूरी होने पर मुहर लगने की पूरी उम्मीद है।
इसके साथ ही अनपरा डी से उत्पादित होने वाली बिजली का भुगतान उत्पादन निगम को मिलना शुरू हो जाएगा।बताते चलें कि अनपरा डी की पांच-पांच सौ मेगावाट वाली इकाइयों को वाणिज्यिक उत्पादन पर लिया जाना लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। लंबी जद्दोजहद के बाद सोमवार को पहली इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन पर लेने की प्रक्रिया (लगातार 72 घंटे तक फुल लोड या इससे अधिक उत्पादन) पूरी कर ली गई।
सुखद बात यह रही कि इसमें से अधिकांश घंटों में पहली इकाई ने क्षमता से अधिक बिजली पैदा की। सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी ने भी इसकी पुष्टि की। बताया कि वाणिज्यिक उत्पादन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसकी रिपोर्ट निगम प्रबंधन को भेज दी गई। वहां प्रबंधन और सिस्टम कंट्रोल सिस्टम के लोग भी तीन-चार दिन में प्रक्रिया से जुड़ी औपचारिकताओं को अंतिम रूप दे देंगे।
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बताया कि दूसरी इकाई को पांच दिन के लिए बंद कर पंप आदि दुरुस्त किया जा रहा है। दो-तीन दिन में इस इकाई को भी उत्पादन पर लेकर वाणिज्यिक उत्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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इसके साथ ही अनपरा डी से उत्पादित होने वाली बिजली का भुगतान उत्पादन निगम को मिलना शुरू हो जाएगा।बताते चलें कि अनपरा डी की पांच-पांच सौ मेगावाट वाली इकाइयों को वाणिज्यिक उत्पादन पर लिया जाना लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। लंबी जद्दोजहद के बाद सोमवार को पहली इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन पर लेने की प्रक्रिया (लगातार 72 घंटे तक फुल लोड या इससे अधिक उत्पादन) पूरी कर ली गई।
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सुखद बात यह रही कि इसमें से अधिकांश घंटों में पहली इकाई ने क्षमता से अधिक बिजली पैदा की। सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी ने भी इसकी पुष्टि की। बताया कि वाणिज्यिक उत्पादन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसकी रिपोर्ट निगम प्रबंधन को भेज दी गई। वहां प्रबंधन और सिस्टम कंट्रोल सिस्टम के लोग भी तीन-चार दिन में प्रक्रिया से जुड़ी औपचारिकताओं को अंतिम रूप दे देंगे।
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बताया कि दूसरी इकाई को पांच दिन के लिए बंद कर पंप आदि दुरुस्त किया जा रहा है। दो-तीन दिन में इस इकाई को भी उत्पादन पर लेकर वाणिज्यिक उत्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।