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बंदी को वार्ड में भर्ती कराकर सो गए थे पुलिसकर्मी, एसपी ने किया निलंबित
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हत्या के आरोप में निरुद्ध बंदी की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के प्रति तनिक भी संजीदा नहीं थे। बंदी को वार्ड में भर्ती कराने के बाद कुछ बाहर सो गए तो कुछ रिश्तेदार से मिलने चले गए। इसका फायदा उठाकर बंदी अस्पताल से फरार हो गया। सीओ की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर एसपी ने ड्यूटी पर तैनात चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। हत्यारोपी बंदी और चारों पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।
चोपन थाना क्षेत्र के कोटा ग्राम पंचायत अंतर्गत नौटोलिया गांव निवासी लल्लू केवट अपने बेटे की हत्या के आरोप में 2020 से जिला कारागार गुरमा में निरुद्ध है। वह टीबी से ग्रसित है। पिछले सप्ताह उसे उपचार के लिए गुरमा जेल से जिला अस्पताल लोढ़ी ले जाया गया था। वहां उसकी हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने वाराणसी रेफर कर दिया। पुलिस हिरासत में ही रामनगर स्थित लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय में उसका उपचार चल रहा था।
बंदी की सुरक्षा में चार सिपाही लगाए गए थे। उपचार के दौरान बंदी फरार हो गया। हालांकि दो दिन बाद ही उसे चोपन के करगरा मोड़ से गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले की जांच सीओ सिटी राहुल पांडेय से कराई गई। सीओ ने अस्पताल पहुंच कर सिपाहियों के कार्यों की जांच की तो पता चला कि वे ड्यूटी के प्रति संजीदा नहीं थे। बंदी के भर्ती होने के बाद किसी की आंख लग गई तो कोई रिश्तेदार से मिलने चला गया।
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इस मामले में रामनगर थाने में फरार बंदी लल्लू केवट, ड्यूटी पर तैनात सिपाही विकास मिश्रा, राजेश सिंह, राजेंद्र प्रसाद सिंह और ओम प्रकाश यादव के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं एसपी ने चारों सिपाहियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया है। सीओ ने बताया कि ड्यूटी में तैनात चारों पुलिस कर्मियों की लापरवाही से ही बंदी भागा था। उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
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चोपन थाना क्षेत्र के कोटा ग्राम पंचायत अंतर्गत नौटोलिया गांव निवासी लल्लू केवट अपने बेटे की हत्या के आरोप में 2020 से जिला कारागार गुरमा में निरुद्ध है। वह टीबी से ग्रसित है। पिछले सप्ताह उसे उपचार के लिए गुरमा जेल से जिला अस्पताल लोढ़ी ले जाया गया था। वहां उसकी हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने वाराणसी रेफर कर दिया। पुलिस हिरासत में ही रामनगर स्थित लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय में उसका उपचार चल रहा था।
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बंदी की सुरक्षा में चार सिपाही लगाए गए थे। उपचार के दौरान बंदी फरार हो गया। हालांकि दो दिन बाद ही उसे चोपन के करगरा मोड़ से गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले की जांच सीओ सिटी राहुल पांडेय से कराई गई। सीओ ने अस्पताल पहुंच कर सिपाहियों के कार्यों की जांच की तो पता चला कि वे ड्यूटी के प्रति संजीदा नहीं थे। बंदी के भर्ती होने के बाद किसी की आंख लग गई तो कोई रिश्तेदार से मिलने चला गया।
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इस मामले में रामनगर थाने में फरार बंदी लल्लू केवट, ड्यूटी पर तैनात सिपाही विकास मिश्रा, राजेश सिंह, राजेंद्र प्रसाद सिंह और ओम प्रकाश यादव के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं एसपी ने चारों सिपाहियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया है। सीओ ने बताया कि ड्यूटी में तैनात चारों पुलिस कर्मियों की लापरवाही से ही बंदी भागा था। उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।