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एससी-एसटी को आवंटित जमीन पर खनन पट्टे के मामले ने पकड़ा तूल
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सोनभद्र। ओबरा तहसील क्षेत्र ग्राम पंचायत बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में एससी-एसटी के लोगों को आवंटित भूमि पर खनन पट्टा कराने का मामला तूल पकड़ने लगा है। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष रामनरेश पासवान ने डीएम को पत्र लिख कर प्रकरण की वरिष्ठ राजस्व अधिकारी से जांच कराते हुए कार्रवाई के लिए कहा है।
आयोग के उपाध्यक्ष रामनरेश पासवान ने डीएम को लिखित पत्र में कहा है कि विरसा मुंडा फाउंडेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की सचिव शांति वर्मा ने गर्वमेंट ग्रांट एक्ट के अंतर्गत ग्राम बिल्ली-मारकुंडी में एससी-एसटी के भूमिहीन व्यक्तियों को कृषि कार्य के लिए आवंटित पट्टे की भूमि को गलत तरीके से खनन कार्य के लिए आवंटित कराने की शिकायत की है। सामान्य जाति के कुछ लोगों पर गलत तरीके से बैनामा व बिक्रीनामा कराकर नामांतरण व भू-राजस्व अभिलेखों में श्रेणी परिवर्तन कराते हुए अपने नाम संक्रमणीय भूमिधर दर्ज कराने का आरोप है। यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने डीएम से मामले की वरिष्ठ राजस्व अधिकारी से जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई कराने को कहा है। इससे नियमों को दरकिनार कर अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों की जमीन क्रय कर उस पर खनन पट्टा करा कर खनन कार्य कराने वालों में खलबली मच गई है।
बिल्ली-मारकुंडी में कई एससी-एसटी के नाम आवंटित भूमि पर कुछ लोगों की ओर से फर्जी रूप से बैनामा व बिक्रीनामा कराकर नामांतरण और भू-राजस्व अभिलेखों में श्रेणी परिवर्तन कराते हुए उस पर खनन पट्टा कराने की शिकायत प्राप्त हुई है। मामला बेहद गंभीर है। इसमें डीएम को वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराकर कार्रवाई के लिए कहा गया है। अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों का अधिकार छीनने वालों पर सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। - रामनरेश पासवान, उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग
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आयोग के उपाध्यक्ष रामनरेश पासवान ने डीएम को लिखित पत्र में कहा है कि विरसा मुंडा फाउंडेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की सचिव शांति वर्मा ने गर्वमेंट ग्रांट एक्ट के अंतर्गत ग्राम बिल्ली-मारकुंडी में एससी-एसटी के भूमिहीन व्यक्तियों को कृषि कार्य के लिए आवंटित पट्टे की भूमि को गलत तरीके से खनन कार्य के लिए आवंटित कराने की शिकायत की है। सामान्य जाति के कुछ लोगों पर गलत तरीके से बैनामा व बिक्रीनामा कराकर नामांतरण व भू-राजस्व अभिलेखों में श्रेणी परिवर्तन कराते हुए अपने नाम संक्रमणीय भूमिधर दर्ज कराने का आरोप है। यह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने डीएम से मामले की वरिष्ठ राजस्व अधिकारी से जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई कराने को कहा है। इससे नियमों को दरकिनार कर अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों की जमीन क्रय कर उस पर खनन पट्टा करा कर खनन कार्य कराने वालों में खलबली मच गई है।
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बिल्ली-मारकुंडी में कई एससी-एसटी के नाम आवंटित भूमि पर कुछ लोगों की ओर से फर्जी रूप से बैनामा व बिक्रीनामा कराकर नामांतरण और भू-राजस्व अभिलेखों में श्रेणी परिवर्तन कराते हुए उस पर खनन पट्टा कराने की शिकायत प्राप्त हुई है। मामला बेहद गंभीर है। इसमें डीएम को वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराकर कार्रवाई के लिए कहा गया है। अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों का अधिकार छीनने वालों पर सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। - रामनरेश पासवान, उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग
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