सोनभद्र। पशु तस्करी पर अंकुश के लिए चलाए जा रहे अभियान के क्रम में सोनभद्र पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मांची, रायपुर और रामपुर बरकोनिया थाने की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय पशु तस्कर गिरोह के मास्टरमाइंड को पश्चिम बंगाल से दबोचने में कामयाबी पाई है। गैंग में उसकी हैसियत को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने उस पर 25 हजार था इनाम घोषित कर रखा था। ट्रांजिट रिमांड पर शनिवार को उसे सोनभद्र लाया गया। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे 14 दिन की रिमांड पर जिला कारागार गुरमा भेज दिया गया। जिले में पहली बार पश्चिम बंगाल से किसी पशु तस्कर की गिरफ्तारी से आगे चलकर इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े चेहरों को गिरफ्त में आने की उम्मीद जताई जा रही है। 30 नवंबर 2025 को रायपुर थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान दो तस्कर गिरफ्तार किए गए थे। उनसे पूछताछ में मिर्जापुर, सोनभद्र से बिहार के कैमूर तक फैले नेटवर्क का खुलासा हुआ था। आठ आरोपियों पर प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। पता चला कि चैनपुर से पशुओं को कंटेनर में लादकर पश्चिम बंगाल पहुंचाया जाता है। वहां से उनका मांस बांग्लादेश और वहां से दूसरे देशों में भेज दिया जाता है। पिछले दिनों पुलिस ने कैमूर जिले के रहने वाले इस गिरोह के फाइनेंसर को भी दबोचने में कामयाबी पाई थी। उससे पूछताछ में पता चला था कि हुगली जिले में पंडुआ-बलिहट्टा का रहने वाला राजा कुरैशी उर्फ हासिन कुरैशी (32) बंगाल के नेटवर्क को संभाल रहा है। सर्विलांस और सूत्रों के जरिये पहले उसके बारे में जानकारी जुटाई गई और पशु तस्करी के नेटवर्क में उसकी अच्छी-खासी हैसियत को देखते हुए उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया। इसके बाद रायपुर, रामपुर बरकोनिया, मांची और एसओजी की संयुक्त टीम गठित करते हुए प्रभारी निरीक्षक विजय चौरसिया, प्रभारी निरीक्षक भैया शिवप्रसाद सिंह और थानाध्यक्ष विनोद यादव की अगुवाई वाली नौ सदस्यीय टीम पश्चिम बंगाल भेजी गई।
एसपी अभिषेक वर्मा के मुताबिक पंडुआ थानाक्षेत्र के जोईपुर रेलवे क्रासिंग के पास से पकड़ा गया।