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फॉर्ड फाउंडेशन की टीम ने गांवों का किया निरीक्षण

Sat, 04 Jul 2020 09:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2020 09:33 PM IST
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The Ford Foundation team inspected the villages
सोनभद्र। भारत सरकार के जैव प्रोद्योगिकी विभाग से वित्तपोषित एवं फॉर्ड फाउंडेशन व आईसीएआर-आईआईवीआर की ओर से संचालित बॉयोटेक-किसान परियोजना के लिए चयनित चार आकांक्षी जिलों में से एक सोनभद्र का फॉर्ड फाउंडेशन के सदस्यों ने शनिवार को जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया। फार्ड फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष एवं काशी हिन्दू विश्विद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. पंजाब सिंह के नेतृत्व में टीम ने गौरही, होना, रतवल आदि गांवों का निरीक्षण किया व लाभान्वित किसानों से उनके समस्याओं के कारण व निवारण पर विस्तृत चर्चा की। पूर्व कुलपति ने बताया कि फॉर्ड फाउंडेशन कृषि क्षेत्र से जुड़े एवं इससे नए जुड़ने वाले किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की दिशा में कार्य कर रहा है, जिससे किसानों में जागरूकता का विस्तार हो और उनको नई तकनीक की जानकारी मिल सके। उन्होंने कृषक उत्पादक संगठनों (एफ़पीओ) की ओर से किसानों का क्लस्टर बनाकर कृषि उत्पाद के निर्यात को बढ़ावा देने की बात कही। नर्सरी से रोपाई करने का कार्य प्रगति पर है। प्रोफेसर सिंह ने किसानों को मुर्गी, बकरी, मछली, मधुमक्खी पालन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि बीज शोधन में इच्छुक किसानों को देश के प्रतिष्ठित संस्थाओं में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। जिससे उनकी आय में बृद्धि हो सके और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके। आईआईवीआर के निदेशक डॉ. जगदीश सिंह ने बताया कि सभी चयनित जिलों के गाँवों में किसानों को धान के साथ सब्जी के बीजों का भी वितरण किया गया है। कृषि विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व निदेशक व फॉर्ड फाउंडेशन के कोर ग्रुप के सदस्य प्रो. शिवराज सिंह ने बताया कि किसानों को परंपरागत खेती करने के साथ ही भारत सरकार के इस अति महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से नई तकनीक को अपनाने पर भी जोर देना है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं बॉयोटेक किसान परियोजना के सह अन्वेषक डॉ संतोष कुमार सिंह ने औषधीय पौधों व उसकी उपयोगिता के विषय में जानकारी दी। इस अवसर पर वैज्ञानिक एवं परियोजना के अन्वेषक डॉ नीरज सिंह, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं परियोजना के सह अन्वेषक डॉ संतोष कुमार सिंह, फॉर्ड फाउंडेशन के ट्रस्टी डॉ. उमेश सिंह, राजेश्वरी रिसर्च फाउंडेशन के सचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह व एफपीओ सोनवैली बायो एनर्जी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के सत्यप्रकाश देव पांडेय, यंग प्रोफेशनल मधुकर पटेल, किसान विद्यापति, अनिल पाठक, प्रेम कुमार, जगनारायण यादव, संजय पाठक,
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मॉडल रूप में चयनित होंगे गांव
सोनभद्र। फार्ड फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष एवं काशी हिन्दू विश्विद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. पंजाब सिंह ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत चयनित गाँव को मॉडल गाँव के रूप में विकसित किया जायेगा। किसानों के चहुमुखी विकास के लिए कृषि को बढ़ावा देने के साथ ही किसानों के स्वास्थ्य एवं उनके बच्चों की शिक्षा तथा अपने क्षेत्र में रोजगार सृजित करने पर बल दिया जाएगा।
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