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Sonebhadra News: लिथुआनिया की सिमोना और जापान के इको वातानावे की संगत ने मन मोहा

Thu, 27 Feb 2025 10:52 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 27 Feb 2025 10:52 PM IST
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The company of Simona of Lithuania and Iko Watanawe of Japan captivated my heart.
डाला के अचलेश्वर महादेव मंदिर पर सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने ध्रुपद और भरतनाट्यम की मोहक
डाला (सोनभद्र)। महाशिवरात्रि के अवसर पर अचलेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर फाउंडेशन की ओर से ध्रुपद रजनी सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय संगीत की विभिन्न विधाओं की अद्भुत प्रस्तुतियां दी गईं। ध्रुपद गायन, सुरबहार वादन, पखावज संगत और भरतनाट्यम नृत्य ने लोगों का मन मोह लिया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर न्यास के संस्थापक महंत मुरली तिवारी, भाजपा नेता नम्रता सिंह, प्रो. अलका निगम, मंगल जायसवाल और डॉ. एडी त्रिपाठी ने किया। मुख्य अतिथि डाला नगर पंचायत अध्यक्ष फूलवंती देवी ने कहा कि यह कार्यक्रम भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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कार्यक्रम की शुरुआत लिथुआनिया (नॉर्थ यूरोप) की सिमोना चलिकोवेस्ते के ध्रुपद गायन से हुई। उन्होंने राग बिहाग में आलाप, जोड़ प्रस्तुत कर गणेश और शिव पर पारंपरिक बंदिश गाई। उनके साथ जापान की इको वातानावे ने तानपुरे पर संगत कर प्रस्तुति को और प्रभावशाली बना दिया। इसके बाद सुरबहार वादन की बारी आई, जिसे पंडित पुष्पराज कोष्ठी के शिष्य भूषण कोष्ठी ने प्रस्तुत किया। उन्होंने राग भोपाली में अलाप, जोड़ और झाला बजाया। उनके वादन में उस्ताद जिया मोइनुद्दीन डागर की परंपरा की छाप स्पष्ट दिखी। उनकी संगत में वरिष्ठ पखावज वादक विवेकानंद कुरंगले ने सधी हुई संगत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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भरतनाट्यम नृत्य में झलकी भारतीय संस्कृति
कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति भरतनाट्यम नृत्यांगना आरती थापा ने दी। उन्होंने पहली प्रस्तुति में राग हंसानंदी में शंकर श्रीहरि प्रस्तुत किया। दूसरी प्रस्तुति में कीर्तनम और तिल्लाना के माध्यम से उन्होंने दर्शकों को भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई। संगीत और नृत्य के इस अनूठे संगम ने शिवभक्तों को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। भक्तों ने इस अवसर पर महादेव का संगीतमय अभिषेक किया। मंदिर प्रांगण में ध्रुपद तीर्थ से ऐसी संगीत गंगा बही कि मानो स्वयं भोलेनाथ भी सुरों में रम गए।

कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान मंदिर के कार्यकारी अध्यक्ष पं. ओम प्रकाश तिवारी, धनंजय सिंह राकिम, पं. राजेश मिश्र, सूर्य प्रकाश तिवारी, संतोष बबलू आदि रहे। संचालन श्री अचलेश्वर महादेव फाउंडेशन के सचिव चंद्र प्रकाश तिवारी ने किया।
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