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नीले कलर की होगी बोरों की कलर कोडिंग
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सोनभद्र। धान खरीद में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शासन ने सभी क्रय केंद्र से एजेंसियों को बोरों का बार कोड आवंटित किया है। जिले में धान की खरीद नीले रंग के बोरे में होगी। इसी बार कोडिंग बोरियों में भरे धानों को ही मिलों पर भेजा जाएगा।
विंध्याचल संभाग के संभागीय खाद्य नियंत्रक प्रभाकांत द्विवेदी ने एडीएम समेत अन्य अधिकारियों को पत्र भेज कर इस बारे में निर्देश दिया है। पत्र में कहा है कि संभाग के अंतर्गत विभिन्न क्रय संस्थाओं से स्थापित किए जा रहे धान क्रय केंद्रों को कोड नंबर आवंटित करते हुए खरीद प्रभारियों को उसका पालन कराना सुनिश्चित करें। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में बोरों की कलर कोडिंग नीले रंग से होगी और स्टिचिंग भी नीले रंग की होगी। बोरों की ब्रांडिंग व स्टेंसिल का कलर नीला होगा। अगर किसी बोरों पर इसके अनुसार कोड नंबर नहीं होगा तो चावल मिल पर धान की मात्रा स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी प्रकार मिलों से कस्टम चावल के डिपो पर संप्रदान की स्थिति में अगर कस्टम चावल के बोरों पर इस अनुसार कोड नंबर नहीं होगा तो संग्रह डिपो पर कस्टम चावल स्वीकार नहीं किया जाएगा। एडीएम राकेश सिंह ने कहा कि सभी केंद्र प्रभारियों को नीले बोरों की कलर कोडिंग में ही धान क्रय करने का निर्देश दिया गया है।
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विंध्याचल संभाग के संभागीय खाद्य नियंत्रक प्रभाकांत द्विवेदी ने एडीएम समेत अन्य अधिकारियों को पत्र भेज कर इस बारे में निर्देश दिया है। पत्र में कहा है कि संभाग के अंतर्गत विभिन्न क्रय संस्थाओं से स्थापित किए जा रहे धान क्रय केंद्रों को कोड नंबर आवंटित करते हुए खरीद प्रभारियों को उसका पालन कराना सुनिश्चित करें। खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में बोरों की कलर कोडिंग नीले रंग से होगी और स्टिचिंग भी नीले रंग की होगी। बोरों की ब्रांडिंग व स्टेंसिल का कलर नीला होगा। अगर किसी बोरों पर इसके अनुसार कोड नंबर नहीं होगा तो चावल मिल पर धान की मात्रा स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी प्रकार मिलों से कस्टम चावल के डिपो पर संप्रदान की स्थिति में अगर कस्टम चावल के बोरों पर इस अनुसार कोड नंबर नहीं होगा तो संग्रह डिपो पर कस्टम चावल स्वीकार नहीं किया जाएगा। एडीएम राकेश सिंह ने कहा कि सभी केंद्र प्रभारियों को नीले बोरों की कलर कोडिंग में ही धान क्रय करने का निर्देश दिया गया है।
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