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किशोरी के साथ दुष्कर्म में दोषी को दस वर्ष की कैद
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साढ़े तीन वर्ष पूर्व आटा चक्की पर जाते समय किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सोनभद्र पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने दोषी को दस वर्ष के कैद की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख 500 रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 14 दिसंबर 2018 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 13 दिसंबर 2018 को उसकी बेटी (17) चक्की पर आटा लेने जा रही थी। रास्ते में म्योरपुर थाना क्षेत्र के जगत नारायण खरवार ने दुष्कर्म किया। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर जगत नारायण खरवार के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी जगत नारायण खरवार को 10 साल की कैद व एक लाख 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि एक लाख 500 रुपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश अग्रहरि एवं सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 14 दिसंबर 2018 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 13 दिसंबर 2018 को उसकी बेटी (17) चक्की पर आटा लेने जा रही थी। रास्ते में म्योरपुर थाना क्षेत्र के जगत नारायण खरवार ने दुष्कर्म किया। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर जगत नारायण खरवार के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी जगत नारायण खरवार को 10 साल की कैद व एक लाख 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि एक लाख 500 रुपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश अग्रहरि एवं सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।
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