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Sonebhadra News: प्रशासन की निगरानी में हो मंदिर समिति का गठन
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ओबरा के श्रीराम मंदिर, मानस भवन धर्मशाला और रामलीला मैदान से जुड़ा विवाद गहराता जा रहा है। संस्था की 140 विश्वा भूमि की देखरेख प्रशासन के निर्देशन में गठित समिति से कराने की मांग को लेकर सोमवार को रहवासियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन के जरिए लोगों की धार्मिक आस्था का ध्यान रखते हुए शीघ्र पहल की मांग की गई। व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष आलोक भाटिया, सीबी राय, सुशील गोयल, सुशील कुशवाहा, उमाशंकर सिंह, महंगी प्रसाद, विशाल गुप्ता, आदित्य विश्वकर्मा आदि ने पत्र में बताया कि ओबरा स्थित श्रीराम मंदिर की लगभग 140 विस्वा भूमि है।
इसकी कीमत वर्तमान में लगभग 50 करोड़ से अधिक है। राम मंदिर, मानस भवन धर्मशाला और रामलीला मैदान से वार्षिक आय लगभग 15 लाख है। कुछ अनधिकृत इस पर कब्जा किए हुए है। वह विगत 21 वर्षों से आय-व्यय का विवरण भी प्रस्तुत नहीं कर रहे।
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ओबरा नगर के लोग प्रशासन के माध्यम से मंदिर समिति का गठन कराना चाहते हैं, क्योंकि वर्तमान में कोई भी पंजीकृत समिति नहीं है और न ही समिति का बैंक में कोई खाता है। लोगों की धार्मिक आस्था काे ध्यान में रखते हुए लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन की देखरेख में कमेटी का गठन किया जाए।
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मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन के जरिए लोगों की धार्मिक आस्था का ध्यान रखते हुए शीघ्र पहल की मांग की गई। व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष आलोक भाटिया, सीबी राय, सुशील गोयल, सुशील कुशवाहा, उमाशंकर सिंह, महंगी प्रसाद, विशाल गुप्ता, आदित्य विश्वकर्मा आदि ने पत्र में बताया कि ओबरा स्थित श्रीराम मंदिर की लगभग 140 विस्वा भूमि है।
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इसकी कीमत वर्तमान में लगभग 50 करोड़ से अधिक है। राम मंदिर, मानस भवन धर्मशाला और रामलीला मैदान से वार्षिक आय लगभग 15 लाख है। कुछ अनधिकृत इस पर कब्जा किए हुए है। वह विगत 21 वर्षों से आय-व्यय का विवरण भी प्रस्तुत नहीं कर रहे।
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ओबरा नगर के लोग प्रशासन के माध्यम से मंदिर समिति का गठन कराना चाहते हैं, क्योंकि वर्तमान में कोई भी पंजीकृत समिति नहीं है और न ही समिति का बैंक में कोई खाता है। लोगों की धार्मिक आस्था काे ध्यान में रखते हुए लोकतांत्रिक तरीके से प्रशासन की देखरेख में कमेटी का गठन किया जाए।