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Sonebhadra News: बारिश से लुढ़का तापमान, बिजली की मांग में भी गिरावट
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रेणुसागर। पिछले दो दिनों से मौसम में बदलाव से तापमान में गिरावट के चलते बिजली की मांग में भी कमी आई है। करीब तीन हजार मेगावाट की गिरावट से अनपरा की परियोजनाओं को थर्मल बैकिंग करनी पड़ी है। शुक्रवार को प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 21042 मेगावाट दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम मांग 12224 मेगावाट रिकार्ड की गई।
तीन दिन पहले तक बिजली की अधिकतम मांग 26 हजार मेगावाट का आंकड़ा पार कर गया था। इस मांग को पूरा करने के लिए परियोजनाओं को फुल लोड पर चलाने के बाद भी निगम को निजी क्षेत्र से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही थी। बुधवार की शाम के बाद से मौसम बदला है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई इलाकों में आंधी-बारिश के कारण गर्मी से राहत मिली है। जिससे बृहस्पतिवार की शाम बिजली की अधिकतम मांग 24 हजार मेगावाट के आसपास रही। रात होते-होते बिजली की मांग घटने लगी। रात्रि दो बजे भार प्रेषण केंद्र लखनऊ से अनपरा सहित लैंको परियोजना की सभी इकाइयों में थर्मल बैकिंग लगा दी गई। इससे परियोजनाओं को भारी नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि बारह घंटे के बाद शुक्रवार की दोपहर दो बजे थर्मल बैकिंग हटा ली गई। इस दौरान परियोजनाओं की सभी इकाइयां हाफ लोड पर संचालित की गई। शुक्रवार की देर शाम सूबे मे बिजली की अधिकतम मांग 21042 मेगावाट और न्यूनतम मांग 12224 मेगावाट दर्ज की गई। थर्मल बैकिंग हटने के बाद अनपरा अ की दूसरी ईकाई से 156 मेगावाट, तीसरी ईकाई से 162 मेगावाट, चौथी ईकाई से 460 मेगावाट, पांचवी ईकाई से 453 मेगावाट, छठवीं ईकाई से 480 मेेगावाट और सातवीं ईकाई से 479 मेगावाट उत्पादन जारी रहा। निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना की पहली ईकाई से 447 मेेगावाट और दूसरी ईकाई से 507 मेगावाट उत्पादन रहा।
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तीन दिन पहले तक बिजली की अधिकतम मांग 26 हजार मेगावाट का आंकड़ा पार कर गया था। इस मांग को पूरा करने के लिए परियोजनाओं को फुल लोड पर चलाने के बाद भी निगम को निजी क्षेत्र से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही थी। बुधवार की शाम के बाद से मौसम बदला है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई इलाकों में आंधी-बारिश के कारण गर्मी से राहत मिली है। जिससे बृहस्पतिवार की शाम बिजली की अधिकतम मांग 24 हजार मेगावाट के आसपास रही। रात होते-होते बिजली की मांग घटने लगी। रात्रि दो बजे भार प्रेषण केंद्र लखनऊ से अनपरा सहित लैंको परियोजना की सभी इकाइयों में थर्मल बैकिंग लगा दी गई। इससे परियोजनाओं को भारी नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि बारह घंटे के बाद शुक्रवार की दोपहर दो बजे थर्मल बैकिंग हटा ली गई। इस दौरान परियोजनाओं की सभी इकाइयां हाफ लोड पर संचालित की गई। शुक्रवार की देर शाम सूबे मे बिजली की अधिकतम मांग 21042 मेगावाट और न्यूनतम मांग 12224 मेगावाट दर्ज की गई। थर्मल बैकिंग हटने के बाद अनपरा अ की दूसरी ईकाई से 156 मेगावाट, तीसरी ईकाई से 162 मेगावाट, चौथी ईकाई से 460 मेगावाट, पांचवी ईकाई से 453 मेगावाट, छठवीं ईकाई से 480 मेेगावाट और सातवीं ईकाई से 479 मेगावाट उत्पादन जारी रहा। निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना की पहली ईकाई से 447 मेेगावाट और दूसरी ईकाई से 507 मेगावाट उत्पादन रहा।
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