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मकान में दबकर किशोर की मौत, गुस्साए लोगों ने किया चक्काजाम
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एनसीएल जयंत परियोजना के नजदीक सोमवार को मकान ढहने से मलबा में दबकर किशोर की मौत हो गई। घटना से नाराज ग्रामीणों ने विधायक की अगुवाई में सड़क जाम कर दिया। इसके चलते लंबा जाम लग गया। देर रात तक पुलिस व प्रशासन के अधिकारी जाम हटवाने की कोशिश में जुटे रहे।
आरोप है कि मोरवा थाना क्षेत्र के एनसीएल जयंत में सोमवार को निजी कंपनी वीपीआर ने उच्च क्षमता से विस्फोट किया था। इसी के प्रभाव से छोटक बसोर के मकान की दीवार भरभरा कर ढह गई। इसमें छोटक का बेटा रामकुमार (17) दब गया। मकान गिरने की आवाज सुनकर परिजन एवं आसपास के लोग वहां पहुंचे। आनन-फानन उसे मलबे से निकालकर नेहरू चिकित्सालय जयंत ले जाया जा रहा था मगर रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना से गुस्साए मृतक के परिजनों ने शव रखकर मेढोली-जयंत मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। सूचना पाकर सिंगरौली विधायक रामलल्लू वैश्य भी पहुंच गए। चक्काजाम का समर्थन करते हुए खुद धरने पर बैठ गए। उधर, एसडीओपी मोरवा राजीव पाठक, टीआई मनीष त्रिपाठी, एएसआई अरविंद चौबे सहित भारी संख्या में पुलिस पहुंच स्थिति को काबू करने में जुट गई। विधायक व मृतक के परिजन खदान से 500 मीटर के अंदर वारदात होने का हवाला देते हुए संबंधित एनसीएल प्रबंधन के विरुद्ध केस दर्ज कराने और मृतक के परिजनों को नौकरी व मुआवजा के साथ विस्थापित स्थान चिह्नित करने की मांग कर रहे हैं। करीब तीन घंटे बाद एनसीएल परियोजना जयंत के मुख्य महाप्रबंधक एवं कार्मिक महाप्रबंधक अन्य स्टाफ के साथ पहुंचे। एनसीएल प्रबंधन के पहुंचते ही लोगों ने आपा खो दिया। पुलिस और विधायक के समझाने पर लोग शांत हुए और विधायक ने ग्रामीणों की एक-एक मांग को एनसीएल प्रबंधन के समक्ष रखा है।
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आरोप है कि मोरवा थाना क्षेत्र के एनसीएल जयंत में सोमवार को निजी कंपनी वीपीआर ने उच्च क्षमता से विस्फोट किया था। इसी के प्रभाव से छोटक बसोर के मकान की दीवार भरभरा कर ढह गई। इसमें छोटक का बेटा रामकुमार (17) दब गया। मकान गिरने की आवाज सुनकर परिजन एवं आसपास के लोग वहां पहुंचे। आनन-फानन उसे मलबे से निकालकर नेहरू चिकित्सालय जयंत ले जाया जा रहा था मगर रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना से गुस्साए मृतक के परिजनों ने शव रखकर मेढोली-जयंत मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। सूचना पाकर सिंगरौली विधायक रामलल्लू वैश्य भी पहुंच गए। चक्काजाम का समर्थन करते हुए खुद धरने पर बैठ गए। उधर, एसडीओपी मोरवा राजीव पाठक, टीआई मनीष त्रिपाठी, एएसआई अरविंद चौबे सहित भारी संख्या में पुलिस पहुंच स्थिति को काबू करने में जुट गई। विधायक व मृतक के परिजन खदान से 500 मीटर के अंदर वारदात होने का हवाला देते हुए संबंधित एनसीएल प्रबंधन के विरुद्ध केस दर्ज कराने और मृतक के परिजनों को नौकरी व मुआवजा के साथ विस्थापित स्थान चिह्नित करने की मांग कर रहे हैं। करीब तीन घंटे बाद एनसीएल परियोजना जयंत के मुख्य महाप्रबंधक एवं कार्मिक महाप्रबंधक अन्य स्टाफ के साथ पहुंचे। एनसीएल प्रबंधन के पहुंचते ही लोगों ने आपा खो दिया। पुलिस और विधायक के समझाने पर लोग शांत हुए और विधायक ने ग्रामीणों की एक-एक मांग को एनसीएल प्रबंधन के समक्ष रखा है।
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