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Sonebhadra News: ऊर्जांचल में दो प्रदेशों की टीम करेगी पर्यावरण की निगरानी
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सोनभद्र। ऊर्जांचल में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की तरफ से पर्यावरण की निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण की कवायद की जाएगी।
एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रि्ब्यूनल) के निर्देश पर यूपी-एमपी दोनों राज्यों की एक संयुक्त टीम गठित की गई है। जल, मृदा और वायु तीनों के प्रदूषण (सीईपीआई) की नियमित निगरानी-समीक्षा, मानकों के अनुपालन की हर महीने रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
सोनभद्र और सीमावर्ती सिंगरौली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए वर्ष 2018 में एनजीटी की तरफ से कई निर्देश जारी किए गए थे जिसमें वायुमंडल में प्रदूषण सहने की क्षमता कितनी शेष रह गई है, इसका अध्ययन प्रमुख रूप से शामिल था।
सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी की तरफ से गत जनवरी माह में एनजीटी में दाखिल याचिका में भी इस मसले को प्रमुखता से उठाया गया। इसी कड़ी में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार की तरफ से पिछले दिनों उच्चस्तरीय बैठक ली गई।
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तय किया गया कि सोनभद्र और सिंगरौली के डीएम सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर सिंगरौली क्षेत्र के लिए सीईपीआई कार्य बिंदुओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करेंगे और निगरानी के लिए अंतरराज्यीय बैठकें आयोजित करते हुए हर माह अनुपालन रिपोर्ट भेजेंगे।
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एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रि्ब्यूनल) के निर्देश पर यूपी-एमपी दोनों राज्यों की एक संयुक्त टीम गठित की गई है। जल, मृदा और वायु तीनों के प्रदूषण (सीईपीआई) की नियमित निगरानी-समीक्षा, मानकों के अनुपालन की हर महीने रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
सोनभद्र और सीमावर्ती सिंगरौली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए वर्ष 2018 में एनजीटी की तरफ से कई निर्देश जारी किए गए थे जिसमें वायुमंडल में प्रदूषण सहने की क्षमता कितनी शेष रह गई है, इसका अध्ययन प्रमुख रूप से शामिल था।
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सिंगरौली प्रदूषण मुक्ति वाहिनी की तरफ से गत जनवरी माह में एनजीटी में दाखिल याचिका में भी इस मसले को प्रमुखता से उठाया गया। इसी कड़ी में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार की तरफ से पिछले दिनों उच्चस्तरीय बैठक ली गई।
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तय किया गया कि सोनभद्र और सिंगरौली के डीएम सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर सिंगरौली क्षेत्र के लिए सीईपीआई कार्य बिंदुओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करेंगे और निगरानी के लिए अंतरराज्यीय बैठकें आयोजित करते हुए हर माह अनुपालन रिपोर्ट भेजेंगे।