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वेतन सूची के साथ जांच टीम के समक्ष हाजिर होंगे शिक्षक
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सोनभद्र। अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता में जिले के राजकीय महाविद्यालयों में तैनात शिक्षकों के नियुक्ती की जांच शुरू हो गई है। जांच कमेटी के समक्ष शिक्षकों को वेतन सूची के साथ उपस्थित होना होगा। इसके लिए निर्देशित कर दिया गया है। जिन तहसीलों से शिक्षकों के जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जारी है वहां से सत्यापन कराया जाएगा।
एवं अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में तैनात शिक्षिकों के नियुक्तियों की जांच शुरू हो गई है। इस संबंध में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता में जांच समिति में शामिल सदस्यों की बैठक हुई। इसमें जिले में स्थित चार राजकीय महाविद्यालयों में तैनात 33 शिक्षकों के अभिलेखों के सत्यापन के लिए तिथि निर्धारित की गई।
योगी सरकार ने परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के अभिलेखों की जांच कराने के बाद अब राजकीय महाविद्यालय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में तैनात शिक्षिकों के नियुक्तियों की जांच कराने का फरमान जारी किया है। 26 जून को उच्च शिक्षा के अपर मुख्य सचिव ने डीएम को राजकीय महाविद्यालय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षिकों के अभिलेखों की जांच कराने के लिए पत्र भेजा है। आदेश के क्रम में जिले में भी जांच की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में एडीएम की अध्यक्षता में शिक्षकों के अभिलेखों की जांच करने को लेकर बैठक हुई। अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि नौ जुलाई की अपरान्ह दो बजे राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों के अभिलेखों की जांच करने का निर्णय लिया गया है। दस जुलाई को भाऊराव देवरस राजकीय महविद्यालय दुद्घी, राजकीय महिला महाविद्यालय पवनी कला और राजकीय महिला महाविद्यालय राबट्र्संगंज के शिक्षकों के अभिलेखों की जांच होगी। उन्होंने कहा कि डॉ. प्रमोद कुमार प्रार्चाय राजकीय स्नाकोत्तर महाविद्यालय ओबरा को निर्देशित किया गया है कि वह अपने स्तर से महाविद्यालयों में तैनात शिक्षकों को अभिलेखों के साथ निर्धारित समय पर अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में उपस्थित होने के लिए सूचित करना सुनिश्चित करें। बैठक में एएसपी ओपी सिंह, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी वाराणसी द्वारा नामित सदस्य प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार मौजूद रहे।
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एवं अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में तैनात शिक्षिकों के नियुक्तियों की जांच शुरू हो गई है। इस संबंध में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता में जांच समिति में शामिल सदस्यों की बैठक हुई। इसमें जिले में स्थित चार राजकीय महाविद्यालयों में तैनात 33 शिक्षकों के अभिलेखों के सत्यापन के लिए तिथि निर्धारित की गई।
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योगी सरकार ने परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के अभिलेखों की जांच कराने के बाद अब राजकीय महाविद्यालय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में तैनात शिक्षिकों के नियुक्तियों की जांच कराने का फरमान जारी किया है। 26 जून को उच्च शिक्षा के अपर मुख्य सचिव ने डीएम को राजकीय महाविद्यालय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षिकों के अभिलेखों की जांच कराने के लिए पत्र भेजा है। आदेश के क्रम में जिले में भी जांच की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में एडीएम की अध्यक्षता में शिक्षकों के अभिलेखों की जांच करने को लेकर बैठक हुई। अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि नौ जुलाई की अपरान्ह दो बजे राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों के अभिलेखों की जांच करने का निर्णय लिया गया है। दस जुलाई को भाऊराव देवरस राजकीय महविद्यालय दुद्घी, राजकीय महिला महाविद्यालय पवनी कला और राजकीय महिला महाविद्यालय राबट्र्संगंज के शिक्षकों के अभिलेखों की जांच होगी। उन्होंने कहा कि डॉ. प्रमोद कुमार प्रार्चाय राजकीय स्नाकोत्तर महाविद्यालय ओबरा को निर्देशित किया गया है कि वह अपने स्तर से महाविद्यालयों में तैनात शिक्षकों को अभिलेखों के साथ निर्धारित समय पर अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में उपस्थित होने के लिए सूचित करना सुनिश्चित करें। बैठक में एएसपी ओपी सिंह, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी वाराणसी द्वारा नामित सदस्य प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार मौजूद रहे।
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