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बिजली परियोजनाओं से लिया गया भरपूर उत्पादन
ब्यूरो/अमर उजाला/सोनभद्र
Updated Thu, 24 Mar 2016 08:54 PM IST
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होली पर सूबे में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए बिजली परियोजनाओं से भरपूर बिजली उत्पादन लिया गया। अनपरा परियोजना की 210 मेगावाट क्षमता वाली पहली इकाई के अनुरक्षण पर होने तथा इसी क्षमता की तीसरी इकाई को गत 18 मार्च से ही बंद होने के बावजूद अनपरा डी से पैदा होती बिजली इस कमी को पूरा करती रही। अन्य बिजली परियोजनाओं की चालू इकाइयों से भी क्षमता मुताबिक भरपूर उत्पादन लिया गया।
1630 मेगावाट वाली अनपरा परियोजना के ब तापगृह की पांच सौ मेगावाट वाली चौथी और पांचवीं इकाई से पूर्ण क्षमता से उत्पादन लिया गया। वहीं अ तापगृह की 210 मेगावाट वाली दूसरी इकाई से भी क्षमता के अनुरूप उत्पादन जारी रहा। 1140 मेगावाट वाली पारीक्षा परियोजना ने भी बिजली की जरूरत को देखते हुए ग्यारह सौ मेगावाट के करीब उत्पादन बनाए रखा। वहीं अनपरा डी की पांच सौ मेगावाट वाली दूसरी इकाई से भी लगातार 350 मेगावाट बिजली पैदा की जाती रही।
सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी ने भी बेहतर उत्पादन की पुष्टि की। कहा कि पहली इकाई अनुरक्षण पर है। तीसरी इकाई को भी जल्द उत्पादन पर लिए जाने का प्रयास जारी है। अनपरा डी की दूसरी इकाई बेहतर तरीके से चल रही है। इस इकाई को फुल लोड पर चलाया जा सकता है, लेकिन बिजली की जरूरत के हिसाब से इस इकाई से 350 मेगावाट ही बिजली पैदा की जा रही है। उधर, ओबरा में 441, हरदुआगंज में 362 मेगावाट बिजली पैदा होती रही।
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बिजली की जरूरत को देखते हुए लंबे समय से शून्य उत्पादन पर चल रही 210 मेगावाट वाली पनकी बिजली परियोजना से भी 75 मेगावाट उत्पादन लिया गया। देर शाम तक राज्य सेक्टर की परियोजनाओं से 3147 मेगावाट विद्युत उत्पादन जारी था। वहीं निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना से भी पूर्ण क्षमता से बारह सौ मेगावाट बिजली पैदा हो रही थी।
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1630 मेगावाट वाली अनपरा परियोजना के ब तापगृह की पांच सौ मेगावाट वाली चौथी और पांचवीं इकाई से पूर्ण क्षमता से उत्पादन लिया गया। वहीं अ तापगृह की 210 मेगावाट वाली दूसरी इकाई से भी क्षमता के अनुरूप उत्पादन जारी रहा। 1140 मेगावाट वाली पारीक्षा परियोजना ने भी बिजली की जरूरत को देखते हुए ग्यारह सौ मेगावाट के करीब उत्पादन बनाए रखा। वहीं अनपरा डी की पांच सौ मेगावाट वाली दूसरी इकाई से भी लगातार 350 मेगावाट बिजली पैदा की जाती रही।
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सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी ने भी बेहतर उत्पादन की पुष्टि की। कहा कि पहली इकाई अनुरक्षण पर है। तीसरी इकाई को भी जल्द उत्पादन पर लिए जाने का प्रयास जारी है। अनपरा डी की दूसरी इकाई बेहतर तरीके से चल रही है। इस इकाई को फुल लोड पर चलाया जा सकता है, लेकिन बिजली की जरूरत के हिसाब से इस इकाई से 350 मेगावाट ही बिजली पैदा की जा रही है। उधर, ओबरा में 441, हरदुआगंज में 362 मेगावाट बिजली पैदा होती रही।
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बिजली की जरूरत को देखते हुए लंबे समय से शून्य उत्पादन पर चल रही 210 मेगावाट वाली पनकी बिजली परियोजना से भी 75 मेगावाट उत्पादन लिया गया। देर शाम तक राज्य सेक्टर की परियोजनाओं से 3147 मेगावाट विद्युत उत्पादन जारी था। वहीं निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना से भी पूर्ण क्षमता से बारह सौ मेगावाट बिजली पैदा हो रही थी।