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Sonebhadra News: मॉडल विद्यालय का ऐसा हाल, बिजली है न बेंच, शौचालय और पानी भी नहीं
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अनपरा। म्योरपुर ब्लॉक के कुलडोमरी गांव के मेड़रदह टोले में बने राजकीय मॉडल इंटर काॅलेज की स्थिति चौंकाने वाली हैं। इसका नाम भले ही मॉडल कॉलेज है, लेकिन यहां की सुविधाएं पूरी तरह बदहाल हैं। बच्चाें को बैठने के लिए न पर्याप्त डेस्क-बेंच है और न ही बिजली-पानी, शौचालय की व्यवस्था है। नौ वर्ष पहले निर्मित भवन में 241 बच्चों का नामांकन कर कॉलेज का संचालन शुरू कर दिया गया, व्यवस्था सुधारने की सुध नहीं ली गई।
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के बच्चों को बच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कुलडोमरी गांव के मेड़रदह टोले में करीब नौ साल पूर्व करोड़ों की लागत से राजकीय इंटर काॅलेज का निर्माण कराया गया था। कई सालों तक संचालन न होने और रखरखाव के अभाव में खिड़की दरवाजे में लगे कांच टूट गए और कुछ खिड़की दरवाजे गायब हो गए। एक वर्ष पूर्व विद्यालय का नाम बदल कर पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज कर चालू सत्र से इसका संचालन शुरू कर दिया गया। प्रधानाचार्य लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि उनकी मूल तैनाती जोगेंद्रा गांव के धुर्वाह विद्यालय में हैं। मेड़रदह विद्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। एक संस्कृत शिक्षक तैनात हैं। साथ ही अनपरा, दुद्धी, चकरिया और गुरमुरा से एक-एक शिक्षकों की तैनाती की गई है। कुल 241 बच्चों ने दाखिला लिया है, मगर यहां मूलभूत सुविधाएं ही नहीं हैं।
जुगाड़ के पुराने बेंच व कुर्सी पर पढ़ाई, बिजली भी नहीं
जर्जर हालत में पहुंच चुके विद्यालय के लिए दूसरे विद्यालयों से पुराने बेंच व कुर्सी मांगकर पठन-पाठन कराया जा रहा है। कमरों में बिजली नहीं है। वहीं शौचालयों में पानी की सप्लाई नहीं है। बिजली न होने से शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। ग्राम पंचायत की ओर से विद्यालय में बोरिंग कराया गया है। आरओ भी दिया गया है, लेकिन बिजली न होने से आरओ शोपीस बनकर खराब स्थिति में है। पानी के लिए सबमर्सिबल को जुगाड़ से चलाया जा रहा है।
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शौचालय के दरवाजे जर्जर, गंदगी का अंबार
स्कूल के सभी कमरे के खिड़की दरवाजे टूटे हुए हैं। शौचालय के दरवाजे भी जर्जर हो गए हैं। पानी न होने से शौचालय भी गंदा रहता है। गांव में बाजार भी नहीं है, जिस कारण रहने और खाने की बहुत समस्या होती है। आसपास कोई डॉक्टर या दवाखाना भी नहीं है। साथ ही नेटवर्क न होने की वजह से बातचीत करने में भी समस्या आती है। विद्यालय में बिजली, पानी, बेंच, कुर्सी की स्थिति खराब है।
Iविद्यालय में बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया गया है। विद्यालय में पीने के पानी की व्यवस्था कराई जा रही है। नए बेंच के लिए टेंडर हो गया है। जल्द ही विद्यालय में बेंच भी आ जाएगा। -राजेंद्र यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक।I
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आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के बच्चों को बच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कुलडोमरी गांव के मेड़रदह टोले में करीब नौ साल पूर्व करोड़ों की लागत से राजकीय इंटर काॅलेज का निर्माण कराया गया था। कई सालों तक संचालन न होने और रखरखाव के अभाव में खिड़की दरवाजे में लगे कांच टूट गए और कुछ खिड़की दरवाजे गायब हो गए। एक वर्ष पूर्व विद्यालय का नाम बदल कर पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज कर चालू सत्र से इसका संचालन शुरू कर दिया गया। प्रधानाचार्य लक्ष्मण प्रसाद ने बताया कि उनकी मूल तैनाती जोगेंद्रा गांव के धुर्वाह विद्यालय में हैं। मेड़रदह विद्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। एक संस्कृत शिक्षक तैनात हैं। साथ ही अनपरा, दुद्धी, चकरिया और गुरमुरा से एक-एक शिक्षकों की तैनाती की गई है। कुल 241 बच्चों ने दाखिला लिया है, मगर यहां मूलभूत सुविधाएं ही नहीं हैं।
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जुगाड़ के पुराने बेंच व कुर्सी पर पढ़ाई, बिजली भी नहीं
जर्जर हालत में पहुंच चुके विद्यालय के लिए दूसरे विद्यालयों से पुराने बेंच व कुर्सी मांगकर पठन-पाठन कराया जा रहा है। कमरों में बिजली नहीं है। वहीं शौचालयों में पानी की सप्लाई नहीं है। बिजली न होने से शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। ग्राम पंचायत की ओर से विद्यालय में बोरिंग कराया गया है। आरओ भी दिया गया है, लेकिन बिजली न होने से आरओ शोपीस बनकर खराब स्थिति में है। पानी के लिए सबमर्सिबल को जुगाड़ से चलाया जा रहा है।
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शौचालय के दरवाजे जर्जर, गंदगी का अंबार
स्कूल के सभी कमरे के खिड़की दरवाजे टूटे हुए हैं। शौचालय के दरवाजे भी जर्जर हो गए हैं। पानी न होने से शौचालय भी गंदा रहता है। गांव में बाजार भी नहीं है, जिस कारण रहने और खाने की बहुत समस्या होती है। आसपास कोई डॉक्टर या दवाखाना भी नहीं है। साथ ही नेटवर्क न होने की वजह से बातचीत करने में भी समस्या आती है। विद्यालय में बिजली, पानी, बेंच, कुर्सी की स्थिति खराब है।
Iविद्यालय में बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया गया है। विद्यालय में पीने के पानी की व्यवस्था कराई जा रही है। नए बेंच के लिए टेंडर हो गया है। जल्द ही विद्यालय में बेंच भी आ जाएगा। -राजेंद्र यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक।I