फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Stopped at the coal industry workers' strike

कामगारों की हड़ताल ने रोकी कोल उद्योग की रफ्तार

Thu, 03 Sep 2015 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र Updated Thu, 03 Sep 2015 12:12 AM IST
विज्ञापन
Stopped at the coal industry workers' strike
कोल इंडिया के 10 फीसद शेयर बेचने, श्रम कानूनों में प्रस्तावित फेरबदल के विरोध में चार प्रमुख श्रमिक संगठनों की हड़ताल ने बुधवार को खासा असर दिखा। इससे जहां कोल उद्योग की रफ्तार धीमी हो गई। वहीं, एनसीएल में कोयला उत्पादन, प्रेषण का काम प्रभावित हुआ। परियोजना के अंदर से लेकर सड़क तक वाहनों की कतार लगी रही।
विज्ञापन


हड़तालियों और काम पर जाने वालों के बीच जगह-जगह नोकझोंक भी हुई। इंटक के राष्ट्रीय सचिव आदित्य मिश्रा, एटक के क्षेत्रीय सचिव अशोक दुबे, सीटू के क्षेत्रीय मंत्री पीएस पांडेय, एचएमएस के क्षेत्रीय सचिव अशोक पांडेय आदि की अगुवाई में पदाधिकारी-कार्यकर्ता सुबह साढ़े सात बजे ही कोल खदानों की तरफ जाने वाले रास्ते पर जमा हो गए और केंद्र एवं कोल इंडिया प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
विज्ञापन


ककरी, बीना, कृष्णशिला, खडिय़ा, गोरबी, दुद्धीचुआ में, जयंत, सीडब्ल्यूएस, निगाही, अमलोरी, झिंगुरदा, नेहरू अस्पताल, सिंगरौली मुख्यालय सभी जगह हड़ताल का असर देखने को मिला। आउटसोर्सिंग से जुड़े कामों पर भी हड़ताल का असर बना रहा। खडिय़ा में पहली पाली में बोलेरो में भाजपा का झंडा लगाकर ड्यूटी पर जा रहे कर्मियों और हड़ताली कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हड़तालरत कर्मियों ने बैरियर गिराकर वाहन रोक दिया। अमलोरी में भी हड़ताली कर्मियों ने शिफ्ट ड्यूटी बस देर तक रोके रखी। एनसीएल के जल आपूर्ति संस्थान आईडब्ल्यूएसएस में कर्मियों के नहीं पहुंचने से जलापूर्ति पूरे दिन बाधित रही।
विज्ञापन
विज्ञापन


हड़ताल का असर आंशिक रहा है। मंगलवार के सापेक्ष बुधवार को शिफ्ट और जनरल पाली की उपस्थिति में 38 प्रतिशत तो उत्पादन में महज 18 और डिस्पैच में महज 2.5 प्रतिशत की कमी आई। स्थिति से कोल इंडिया प्रबंधन को भी अवगत कराया गया है। - सीरज कुमार सिंह, प्रवक्ता, एनसीएल

ट्रेड यूनियनों की हड़ताल का सीधा असर बैंक कारोबार पर रहा। जिले के मुख्य बैंक प्रबंधक (एलडीएम) करुणेश कुलश्रेष्ठ ने बताया कि जिले में विभिन्न बैंकों की कुल 150 शाखाएं हैं। हड़ताल के नाते इन शाखाओं से कुल 25 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। उधर, इस हड़ताल से सोनभद्र रोडवेज डिपो का भी करीब दो लाख का कारोबार प्रभावित हुआ। सोनभद्र डिपो के प्रभारी राजकुमार सिंह ने बताया कि तमाम बसों का संचालन होने से इस बार आय में कम क्षति हुई है।


जयंत में सबसे कम, बीना में सबसे अधिक असर
श्रमिक नेताओं का दावा है कि जयंत में सबसे कम और बीना में सबसे अधिक कर्मी हड़ताल पर रहे। इंटक के आदित्यनारायण मिश्रा के मुताबिक बीना में 92, अमलोरी, निगाही, खडिय़ा में 90, नेहरू में 75, जयंत में 65, दुद्धीचुआ में 85, झिंगुरदह में 78, गोरबी में 80, कृष्णशिला में 85 फीसद कर्मियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया। उधर, बीएमएस से जुड़े कोल फेडरेशन के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव वाईएन सिंह ने कहा कि बीएमएस के हड़ताल से हटने के कारण जो असर होना चाहिए था, वह नहीं हुआ। दावा किया कि उत्पादन-प्रेषण सामान्य स्थिति में रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed