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प्रदेश सरकार के बुद्धि-शुद्धि के लिए किया हवन
ब्यूररो,अमर उजाला/सोनभद्र
Updated Tue, 06 Sep 2016 11:32 PM IST
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छह सूत्री मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में बुद्घि-शुद्घि यज्ञ करते लेखपाल।
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पिछले कई दिनों से कलेक्ट्रेट में वेतन विसंगति दूर करने समेत अन्य मांगों को लेकर धरना दे रहे लेखपालों ने मंगलवार को प्रदेश सरकार के बुद्धि-शुद्धि के लिए यज्ञ किया। लेखपालों ने प्रदेश सरकार के ऊपर मांगों को पूर्ण न करने का आरोप लगाया। चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मांगें पूर्ण नहीं होगी तक तक आंदोलन जारी रहेगा।
जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार लेखपालों के जायज मांगों को पूर्ण न करके उत्पीड़न कर रही हैै। विवश होकर लेखपालों को आंदोलन की राह पकड़नी पड़ी। शिव शंकर सिंह यादव, तेज प्रताप मौर्य, अजय श्रीवास्तव और वृजबिहारी मौर्य ने कहा कि पूर्व में कई बार जिला प्रशासन के माध्यम से सूबे के मुख्यमंत्री और विभागीय प्रमुख प्रमुख सचिव को मांगपत्र भेजा जा चुका हैै। लेकिन अभी तक मांगों के समर्थन में कोई शानादेश जारी नहीं किया गया।
अवधेश तिवारी, ज्योति गुप्ता, विष्णु दूबे, शाजिद खां और अरुण कनौजिया ने कहा कि सरकार के इशारा पर कुछ दिन पूर्व लखनऊ में गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे साथियों पर पुलिस ने लाठियां भांजकर आवाज दबाने का प्रयास किया। इस मौके पर रामचंद्र दिवाकर, अरविंद चौबे, राम आसरे, गोपाल निराला, चंद्रकांत दूबे, ओमप्रकाश चौबे, सरजू सिंह यादव, रामविलास, विजय शंकर शुक्ल, अनिता गुप्ता, अनिल, संजीव कुमार श्रीवास्तव, ह्दयेश, रमेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार लेखपालों के जायज मांगों को पूर्ण न करके उत्पीड़न कर रही हैै। विवश होकर लेखपालों को आंदोलन की राह पकड़नी पड़ी। शिव शंकर सिंह यादव, तेज प्रताप मौर्य, अजय श्रीवास्तव और वृजबिहारी मौर्य ने कहा कि पूर्व में कई बार जिला प्रशासन के माध्यम से सूबे के मुख्यमंत्री और विभागीय प्रमुख प्रमुख सचिव को मांगपत्र भेजा जा चुका हैै। लेकिन अभी तक मांगों के समर्थन में कोई शानादेश जारी नहीं किया गया।
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अवधेश तिवारी, ज्योति गुप्ता, विष्णु दूबे, शाजिद खां और अरुण कनौजिया ने कहा कि सरकार के इशारा पर कुछ दिन पूर्व लखनऊ में गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे साथियों पर पुलिस ने लाठियां भांजकर आवाज दबाने का प्रयास किया। इस मौके पर रामचंद्र दिवाकर, अरविंद चौबे, राम आसरे, गोपाल निराला, चंद्रकांत दूबे, ओमप्रकाश चौबे, सरजू सिंह यादव, रामविलास, विजय शंकर शुक्ल, अनिता गुप्ता, अनिल, संजीव कुमार श्रीवास्तव, ह्दयेश, रमेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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