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सोनभद्रः सात साल में साढ़े तीन अरब साफ, फिर भी नहीं मिटा गंदगी का दाग

Mon, 27 Sep 2021 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 27 Sep 2021 11:24 PM IST
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Sonbhadra: Three and a half billion clean in seven years, yet the stain of dirt has not been erased
स्वच्छ भारत मिशन को अमलीजामा पहनाने के लिए घर-घर शौचालय बनवाए गए हैं। सोनभद्र में सात वर्षों में करीब तीन लाख शौचालयों के निर्माण पर साढ़े तीन अरब की धनराशि खर्च हो चुकी है। बावजूद सरकारी अमला गंदगी के दाग को नहीं धो पाया है। कागजों में पूरे शौचालय कहीं धरातल पर हैं ही नहीं तो कहीं आधा अधूरा ही बन पाए हैं। कई स्थानों पर शौचालयों का इस्तेमाल भूसा, उपला रखने में हो रहा है। शौचालयों के निर्माण से अधिक धनराशि आहरित की जा चुकी है। शौचालयों को भ्रष्टाचार का आधार बनाकर जमकर लूटपाट हुई है। जिम्मेदार आंखें बंद कर चैन की नींद सो रहे हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों को साकार करने के लिए उनकी जयंती पर दो अक्तूबर 2014 से स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। खुले में शौच से मुक्ति के संकल्प के साथ शुरू हुए इस अभियान के तहत हर उस परिवार में शौचालय का निर्माण कराया जाना था, जिनके पास यह सुविधा नहीं थी और इसके निर्माण में वह सक्षम नहीं है। वर्ष 2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना (सेक) को आधार बनाकर ऐसे परिवारों को ढूंढा गया। इसके तहत करीब दो लाख परिवारों को 12-12 हजार रुपये शौचालय निर्माण के लिए दिए गए। इसके बाद सर्वे से छूटे हुए 79 परिवारों को एलओबी योजना में शामिल कर शौचालय निर्माण के लिए धनराशि दी गई। इसमें भी जो शामिल नहीं हो सका, ऐसे 18888 परिवारों को एनएलओबी में लाभ दिलाया गया। चिह्नित परिवारों का शौचालय बनवाने के लिए सीधे ग्राम पंचायतों को धनराशि देने का लाभ बिचौलियों ने खूब उठाया। लाभार्थियों के फर्जी नाम देकर शौचालय का पैसा उतार लिया। हजारों परिवारों को आधी-अधूरी राशि देकर ही इतिश्री कर ली गई। नतीजा बड़ी संख्या में शौचालय कागजों में पूरे होने के बाद भी अब तक अधूरे हैं। ग्राम प्रधान, सेक्रेट्री के चक्कर लगाते थक चुके लाभार्थियों को जब शेष पैसा नहीं मिला तो उन्होंने भी शौचालय का इस्तेमाल दूसरे कामों में शुरू कर दिया है। घोरावल, नगवां, चतरा, कोन, दुद्धी, चोपन, बभनी, म्योरपुर सहित अन्य ब्लाकों में ऐसे शौचालयों की संख्या काफी है। लाभार्थियों का साफ कहना है कि उन्हें पैसा ही पूरा नहीं मिला तो शौचालय कैसे पूरा कराएं।
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फेज-2 में साढ़े 12 हजार परिवारों को मिलेंगे शौचालय
करीब तीन लाख शौचालयों का निर्माण पूरा कराने के बाद भी 12555 परिवार ऐसे चिह्नित हुए हैं, जिनके घरों में शौचालय नहीं है। इन परिवारों को अब स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के तहत लाभान्वित किया जाएगा। इसमें से 7400 परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए धनराशि भेजी भी जा चुकी है। अन्य लाभार्थियों के फीडिंग का कार्य चल रहा है। जल्द ही उनके खाते में भी धनराशि भेजी जाएगी।
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स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी है। लोगों को शौचालयों के उपयोग के लिए जागरुक किया जा रहा है। बिना सबके सहयोग के इसे सफल नहीं बनाया जा सकता। पहले की तुलना में हालात काफी बेहतर हुए हैं। पैसा लेने के बाद भी जिन्होंने शौचालय नहीं बनवाया या अधूरा छोड़ा है, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। -अनिल कुमार केशरी, जिला कार्यक्रम समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन।
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