{"_id":"5dcc4a508ebc3e5b0e30e258","slug":"sonbhadra-sonbhadra-news-vns494031541","type":"story","status":"publish","title_hn":"देव दीपावली पर बही लय, सुर, ताल की धारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देव दीपावली पर बही लय, सुर, ताल की धारा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चोपन। कार्तिक पूर्णिमा पर सोन सेवा समिति के सौजन्य से मंगलवार की रात संगीत संध्या का आयोजन किया गया। इसमें काशी से आये शास्त्रीय संगीत के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक सुर, लय, ताल की प्रस्तुति कर लोगों की खूब वाहवाही लूटा। खयाल गायकी को भी लोगों ने सराहा।
कार्यक्रम के प्रथम चरण की शुरुआत बनारस घराने के प्रसिद्ध सितार वादक पं. स्व. अमरनाथ मिश्र व पं. स्व. मन्नू लाल मिश्र के शिष्य पं. ध्रुवनाथ मिश्र के सितार वादन से हुआ। उन्होंने राग किरवानी में विलंबित खयाल और मध्य लय में तराना प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। उसके बाद बनारस की मशहूर कजरी का धून बजाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके साथ तबले पर प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीत कलाकार पं. उमानाथ मिश्रा के पुत्र युवा तबला वादक पं. सर्वेश मिश्रा ने शानदार संगत की। अंत में सितार व तबले की अद्भुत जुगलबंदी प्रस्तुत कर उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। दूसरे चरण में वाराणसी से ही आए प्रसिद्ध कलाकार पं. राजेंद्र मिश्र के शिष्य मंगला पाठक ने अपने गायकी की शुरुआत राग देश में एक शिव स्तुति प्रस्तुत की, जिनके बोल थे गले भुजंग भस्म अंग के बाद राग हंसध्वनि लागी लगन मोहे सखी की शानदार प्रस्तुति कर लोगों का मन मोह लिया। एक मीरा एक राधा दोनों श्याम को चाहा भजन सुना कर खूब तालियां बटोरी। आधी रात तक चले संगीत समारोह में दादरा, ठुमरी ,गजल का लोगों ने आनंद लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक भूपेश चौबे ने सभी कलाकारों को अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। संचालन मनोज चौबे व राजेश अग्रहरि ने किया। इस मौके पर संजीव तिवारी, रवि प्रकाश चौबे, प्रदीप अग्रवाल, कमलेश चौबे, ज्ञानेंद्र पाठक, राजन जायसवाल, उषा जायसवाल, अमित सिंह एडवोकेट, संजय जैन, दिव्य विकास सिंह, गणेश तिवारी, बंटी सिंह, ओमप्रकाश, निर्मोल्य सिंह, अरविंद गुप्ता, सावित्री देवी, विकास चौबे, विमल शाहा, दिलीप देव पांडेय मौजूद रहे। अंत में समिति के अध्यक्ष महेंद्र केसरी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम के प्रथम चरण की शुरुआत बनारस घराने के प्रसिद्ध सितार वादक पं. स्व. अमरनाथ मिश्र व पं. स्व. मन्नू लाल मिश्र के शिष्य पं. ध्रुवनाथ मिश्र के सितार वादन से हुआ। उन्होंने राग किरवानी में विलंबित खयाल और मध्य लय में तराना प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। उसके बाद बनारस की मशहूर कजरी का धून बजाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके साथ तबले पर प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीत कलाकार पं. उमानाथ मिश्रा के पुत्र युवा तबला वादक पं. सर्वेश मिश्रा ने शानदार संगत की। अंत में सितार व तबले की अद्भुत जुगलबंदी प्रस्तुत कर उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। दूसरे चरण में वाराणसी से ही आए प्रसिद्ध कलाकार पं. राजेंद्र मिश्र के शिष्य मंगला पाठक ने अपने गायकी की शुरुआत राग देश में एक शिव स्तुति प्रस्तुत की, जिनके बोल थे गले भुजंग भस्म अंग के बाद राग हंसध्वनि लागी लगन मोहे सखी की शानदार प्रस्तुति कर लोगों का मन मोह लिया। एक मीरा एक राधा दोनों श्याम को चाहा भजन सुना कर खूब तालियां बटोरी। आधी रात तक चले संगीत समारोह में दादरा, ठुमरी ,गजल का लोगों ने आनंद लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक भूपेश चौबे ने सभी कलाकारों को अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। संचालन मनोज चौबे व राजेश अग्रहरि ने किया। इस मौके पर संजीव तिवारी, रवि प्रकाश चौबे, प्रदीप अग्रवाल, कमलेश चौबे, ज्ञानेंद्र पाठक, राजन जायसवाल, उषा जायसवाल, अमित सिंह एडवोकेट, संजय जैन, दिव्य विकास सिंह, गणेश तिवारी, बंटी सिंह, ओमप्रकाश, निर्मोल्य सिंह, अरविंद गुप्ता, सावित्री देवी, विकास चौबे, विमल शाहा, दिलीप देव पांडेय मौजूद रहे। अंत में समिति के अध्यक्ष महेंद्र केसरी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन