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प्रसव के मामले में फिसड्डी हैं सोनभद्र के सरकारी अस्पताल

Wed, 11 May 2022 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2022 11:18 PM IST
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Sonbhadra's government hospital is laggy in terms of delivery
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अप्रैल में संस्थागत प्रसव के लक्ष्य को पूरा करने में जिला फिसड्डी रहा है। इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग की मासिक रिपोर्ट में हुआ है। लक्ष्य के सापेक्ष महज 36.27 फीसदी ही संस्थागत प्रसव हो पाया। सरकारी अस्पतालों की लचर कार्यप्रणाली और आशाओं की लापरवाही को इसका जिम्मेदार माना जा रहा है। मामला सामने आने पर सीएमओ ने कई ब्लाकों के चिकित्साधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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जिले में वर्ष 2022-23 में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 55895 संस्थागत प्रसव का लक्ष्य रखा गया है। वहीं अप्रैल में 4659 गर्भवतियों का संस्थागत प्रसव कराना था। इसके सापेक्ष जिले में कुल 1690 का ही संस्थागत प्रसव कराया गया है। यह आंकड़ा लक्ष्य के सापेक्ष महज 36.27 है। लक्ष्य से काफी पिछड़ने पर विभाग की नींद खुली। आनन-फानन में घोरावल, दुद्धी, नगवां, म्योरपुर और बभनी ब्लॉक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। वहीं आशाओं के माध्यम से अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव कराने पर जोर देने का निर्देश दिया गया है। लोगों का कहना है कि जनपद में महिला चिकित्सा विशेषज्ञों की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए दर बदर भटकना पड़ रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों पर महिला चिकित्सकों की कमी के कारण पुरुष चिकित्सकों को ही ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर सहित वार्ड में उपचाराधीन मरीजों की जांच करनी पड़ती है।
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झोलाछाप का जोर, स्वास्थ्य विभाग कमजोर
जिले में गली-गली खुले अवैध नर्सिंग होम प्रसूताओं की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग इन पर कार्रवाई में सुस्त है। जिले के गैर प्राधिकृत निजी चिकित्सालयों में काफी तादाद में प्रसव हो रहे हैं। वहीं विभाग के अस्पतालों और केंद्रों में काफी कम ही प्रसव हो रहा है। आशाओं की ओर से भी सरकारी संस्था में प्रसव कराने में रुचि नहीं ली जा रही है। काफी संख्या में आशाओं का रुख निजी अस्पतालों की ओर है।
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संस्थागत प्रसव में लक्ष्य के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन न करने पर घोरावल, दुद्धी, म्योरपुर सहित अन्य ब्लाकों को नोटिस जारी किया गया है। अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव पर जोर देने के लिए निर्देशित किया गया है। - डॉ. रमेश सिंह ठाकुर, सीएमओ

अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव कराने के लिए संबंधितों को निर्देशित किया गया है। आशाओं को भी सरकारी अस्पताल में ही प्रसव कराने की हिदायत दी गई है। - रिपुंजय श्रीवास्व, डीपीएम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन।
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