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खदान हादसा: बच्ची के कपड़ा खरीद लिहा, हम इतवार के दवाई लेके आइब... घटना से पहले पत्नी से फोन पर किया था वादा
Tue, 18 Nov 2025 11:42 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 18 Nov 2025 11:42 AM IST
सार
Sonbhadra News: सोनभद्र में खदान हादसे में लापता कृपाशंकर ने हादसे से पहले पत्नी से फोन पर बातचीत में वादा किया था कि रविवार को वह घर आएगा। ऐसे में हादसे के बाद पत्नी के कान में उसकी बातें गूंज रही हैं।
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खनन हादसे में लापता कृपाशंकर के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सोनभद्र जिले में खदान हादसे के बाद कृपाशंकर के परिवार के लोग हर शव को निहार रहे थे, लेकिन किसी से पहचान नहीं हो पाई। पोस्टमार्टम हाउस के सामने चबूतरे की ओट में बैठी सुरसती देवी की आंखों के आंसू सूख चुके थे। गोद में तीन माह की बेटी को लेकर वह निढाल पड़ी थी। कानों में बार-बार वही शब्द गूंज रहे थे, जो पति ने घटना से एक दिन पहले फोन पर हुई बातचीत में उससे कहा था। करीब 15 दिन पहले खदान में मजदूरी के लिए घर से निकले कृपाशंकर ने कहा था कि वह इस रविवार को घर जरूर आएगा।
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शुक्रवार को फोन पर बातचीत में सुरसती ने उसे मासूम बच्ची की तबीयत के बारे में जानकारी दी थी। कहा था कि उसे दवा दिलानी होगी। तब पति ने भरोसा दिया था कि शनिवार को काम खत्म होने पर हिसाब होगा। पैसे लेकर वह सीधे घर आएगा। पत्नी से कहा था कि बेटी के लिए नए कपड़े खरीद लेना। वह दवा लेकर आएगा। पति के साथ इस अंतिम बातचीत का जिक्र करते हुए सुरसती देवी बिलखती रही। पास में उसके साथ उनकी छह साल की बेटी सरिता भी थी।
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दोनों बच्चियों को निहारते हुए वह लोगों से पूछती रही कि अब उनकी परवरिश कैसे होगी। सुरसती देवी के मुताबिक कृपाशंकर घर पर रहकर ही खेती करता था। इस वक्त खेती का काम नहीं था, इसलिए वह खदान में काम करने चला गया था। सोचा था कि कुछ पैसे मिल जाएंगे। इसके बाद वह घर आकर धान की कटाई करेगा, मगर होनी को कुछ और ही मंजूर था।
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राम खेलावन को ढूंढते पहुंची पत्नी, घटना के बाद से लापता
खदान के अंदर मलबे में छह मजदूरों के दबने की पुष्टि अब तक प्रशासन की ओर से की गई है। इसमें एक नाम राम खेलावन का भी है। प्रशासन की ओर से जारी सूची में पनारी ग्राम पंचायत के खड़री टोला निवासी रामखेलावन (40) पुत्र सीताराम का उल्लेख है। सोमवार को दोपहर जुगैल के ढोसरी डांड टोला निवासी मानमति पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। वह अपने पति रामखेलावन को ढूंढ रही थी।
बताया कि पति 15 दिन पहले खदान में काम करने के लिए निकला था। दो दिन पहले क्षेत्र के एक व्यक्ति से मुलाकात होने पर बताया था कि शनिवार को मजदूरी का हिसाब करने के बाद रविवार को घर पहुंचेगा। पति के न पहुंचने पर चिंतित मानमति अपनी सास मितका देवी के साथ पहले खदान पहुंचीं। वहां से उन्हें पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। यहां वह शव को देखकर पहचान की कोशिश में लगे रहे, लेकिन पति का पता नहीं चल सका।
खदान के अंदर मलबे में छह मजदूरों के दबने की पुष्टि अब तक प्रशासन की ओर से की गई है। इसमें एक नाम राम खेलावन का भी है। प्रशासन की ओर से जारी सूची में पनारी ग्राम पंचायत के खड़री टोला निवासी रामखेलावन (40) पुत्र सीताराम का उल्लेख है। सोमवार को दोपहर जुगैल के ढोसरी डांड टोला निवासी मानमति पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। वह अपने पति रामखेलावन को ढूंढ रही थी।
बताया कि पति 15 दिन पहले खदान में काम करने के लिए निकला था। दो दिन पहले क्षेत्र के एक व्यक्ति से मुलाकात होने पर बताया था कि शनिवार को मजदूरी का हिसाब करने के बाद रविवार को घर पहुंचेगा। पति के न पहुंचने पर चिंतित मानमति अपनी सास मितका देवी के साथ पहले खदान पहुंचीं। वहां से उन्हें पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। यहां वह शव को देखकर पहचान की कोशिश में लगे रहे, लेकिन पति का पता नहीं चल सका।
यह हुआ था हादसा
बता दें कि सोनभद्र के ओबरा क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी स्थित मेसर्स श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स की पत्थर खदान में चट्टान धंसने से मलबे के नीचे दबे छह और शव सोमवार को निकाले गए। इनमें दो सगे भाइयों के शव भी शामिल हैं। हादसे में मरने वालों की संख्या अब सात हो गई है। दूसरी तरफ राहत-बचाव कार्य जारी है। प्रशासन का कहना है कि जब तक यह तय न हो जाए कि खदान में और कोई नहीं फंसा है तब तक बचाव अभियान जारी रहेगा।