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सोनभद्रः दोनों किश्त लेने के बाद भी नहीं बने आवास, अब होगी रिकवरी

Mon, 27 Sep 2021 10:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 27 Sep 2021 10:54 PM IST
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Sonbhadra: Housing not built even after taking both installments, now there will be recovery
नीति आयोग के आकांक्षी जिलों की सूची में शामिल सोनभद्र में विकास कार्यो पर धन पानी की तरह बहाया जा रहा है। ताकि सोनभद्र को अग्रणी जिलों की श्रेणी में खड़ा किया जा सके। लेकिन लाभार्थी सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के बजाय उसका दुरूपयोग करने में लगे हुए हैं। कमीशनखोरी के चक्कर में अधिकारी भी विकास कार्यो में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
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वर्ष 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तथा वर्ष 2017 में प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने पर गरीबों को पक्का छत मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजा और प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना शुरू की। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थी को आवास मुहैया कराए गये। बावजूद इसके बहुत से आवास का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। सरकारी आंकड़ों पर ध्यान दें तो वर्ष 2016-17 से अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 61,606 आवास लाभार्थी में आवंटित हुआ है। इसमें 43,466 ने आवास बनवा लिए हैं। वहीं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2019-20 से अब तक करीब 5,625 आवास आवंटित हुआ है और 1,774 आवास बना है। इसमें करीब 290 लाभार्थी ऐसे है जो आवास निर्माण के लिए दोनों किश्त का पैसा लेने के बाद भी आवास का निर्माण पूर्ण नहीं करा सके है। ऐसे लाभार्थियों को चिन्हित करते हुए प्रशासन कार्रवाई में जुट गया है। दो किश्त का पैसा लेने के बाद भी आवास नहीं बनवाने वालों को नोटिस जारी करते हुए सरकारी धन की रिकवरी कराई जाएगी।
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आवास के लिए मिलते है 1.30 लाख
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पात्रों को आवास निर्माण कराने के लिए अनुदान के तौर पर एक लाख 30 हजार रुपये सरकार देती है। इसके अलावा गरीबों को हर साल 95 दिन का मनरेगा में काम मिलता है।
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290 ऐसे लाभार्थी चिह्नित किए गए हैं, जो आवास के नाम पर दोनों किश्त का पैसा ले लिए हैं। लेकिन आवास का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं करा सके है। ऐसे लाभार्थियों को नोटिस जारी कर सरकारी धन की रिकवरी की जाएगी। - आरएस मौर्य, पीडी डीआरडीए-सोनभद्र।
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