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Sonbhadra Ground Report: जमीनी पड़ताल में क्या आया सामने? पानी से लेकर पढ़ाई तक कितना बदलाव, देखें रिपोर्ट
Wed, 08 Apr 2026 06:17 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Wed, 08 Apr 2026 06:17 PM IST
सार
Sonbhadra Ground Report: अमर उजाला की टीम सोनभद्र जिले में पहुंची, जहां जमीनी पड़ताल के दौरान जल जीवन मिशन, आदिवासी गांवों में विकास कार्य और मेडिकल कॉलेज के असर की तस्वीर सामने आई। ग्रामीणों ने पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में आए बदलाव पर अपनी राय रखी। इस ग्राउंड रिपोर्ट में जानिए, सोनभद्र में विकास की असली हकीकत क्या है।
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सोनभद्र से ग्राउंड रिपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला GFX
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विस्तार
Sonbhadra Ground Report: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अब एक साल से भी कम समय बचा है और सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में अमर उजाला की टीम जमीनी हकीकत जानने के लिए यूपी के सोनभद्र जिले में पहुंची। यहां जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना, आदिवासी गांवों में विकास कार्य और मेडिकल कॉलेज से आए बदलावों के असर को लेकर लोगों से बातचीत की गई। इस दौरान यह समझने की कोशिश की गई कि सरकारी योजनाओं का आम लोगों के जीवन पर कितना असर पड़ा है और जिले में विकास की वास्तविक स्थिति क्या है?
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जल जीवन मिशन से हर घर पहुंचा नल
सोनभद्र जिले में पीने के पानी की समस्या लंबे समय से गंभीर मुद्दा रही है। इस बीच, अमर उजाला की टीम ने जमीनी पड़ताल कर मौजूदा स्थिति को समझने की कोशिश की। चोपन ब्लॉक के घटिहटा गांव के एक ग्रामीण ने बताया कि अब हालात पहले से काफी बेहतर हो गए हैं। पहले पानी के लिए काफी दिक्कत होती थी और नहाने के लिए नदी तक जाना पड़ता था, लेकिन अब घर तक पानी की सुविधा मिल रही है। एक महिला ग्रामीण ने बताया कि पहले पीने का पानी लाने के लिए लाइन लगानी पड़ती थी। शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों में भी दूर-दराज से पानी ढोना पड़ता था, जिससे काफी परेशानी होती थी। अब हर घर जल योजना के तहत घर पर ही शुद्ध पानी मिल रहा है, जिससे बड़ी राहत मिली है। अवर अभियंता शहान फारूक के अनुसार, हर घर जल योजना के तहत वॉटर प्लांट के जरिए 12 गांवों में पानी की आपूर्ति की जा रही है। इस योजना से ग्रामीणों को काफी लाभ मिला है और वे इससे संतुष्ट नजर आ रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि पहले जहां पानी के लिए रोजाना संघर्ष करना पड़ता था, वहीं अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। इसके लिए वे मुख्यमंत्री के प्रति आभार जता रहे हैं।
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आदिवासी गांव में सरकारी योजनाओं से कितनी बदली तस्वीर
रघुनाथपुर ग्राम पंचायत के प्रधान परमेश्वर पाल ने कहा कि जब तक ग्राम पंचायतों का विकास नहीं होगा, तब तक देश का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार से मिले फंड के जरिए पंचायत में डिजिटल लर्निंग सेंटर, अन्नपूर्णा भवन का निर्माण कराया गया है और विद्यालय में प्रयोगशाला जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सरकार गांवों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। ग्रामीण रामवृक्ष ने बताया कि गांव में जो भी विकास कार्य हो रहे हैं, वह सरकार की देन हैं। पहले के मुकाबले अब काफी बदलाव आया है। गांव में शौचालय और आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं भी लोगों को मिली हैं।
गांव के प्राथमिक विद्यालय में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है। यहां स्पेस लैब भी स्थापित की गई है। विद्यार्थी आयुष ने बताया कि स्कूल में थ्रीडी प्रिंटिंग मशीन मौजूद है, जिससे गन्ना और मक्का के अपशिष्ट पदार्थों से प्लास्टिक तैयार किया जाता है और उसे प्रयोग में लाया जाता है। छात्रा रजनी ने पवन चक्की के एक मॉडल को समझाते हुए बताया कि किस तरह इससे ऊर्जा उत्पादन के सिद्धांत को जाना जा सकता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य रामकिशुन ने बताया कि स्कूल में दस शिक्षक हैं, जो लगातार कुछ नया करने की कोशिश करते रहते हैं। एनजीओ के सहयोग से चार कक्षाओं में स्मार्ट क्लास भी संचालित की जा रही हैं, जिससे बच्चों को आधुनिक तरीके से पढ़ाई का लाभ मिल रहा है।
मेडिकल कॉलेज से छात्रों ने बताया कितना मिला फायदा
सोनभद्र जिले में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इस प्रभाव और जिले के विकास में इसकी भूमिका को समझने के लिए अमर उजाला की टीम ने स्थानीय लोगों, छात्रों और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से बातचीत की। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल आनंद कुमार ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में स्थिति में काफी सुधार हुआ है। पहले के मुकाबले अब मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ी है और डॉक्टरों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है, जो समाज की बड़ी जरूरत है। सरकार ने इस जरूरत को बेहतर तरीके से पूरा करने का प्रयास किया है। छात्र अंकुर ने बताया कि प्रथम वर्ष में तीन मुख्य विषय होते हैं और मेडिकल क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा काफी अधिक है। हालांकि, हर जिले में मेडिकल कॉलेज खुलने से छात्रों के लिए अवसर बढ़े हैं और पढ़ाई कुछ हद तक आसान हुई है। वहीं, छात्र अनोमल का कहना है कि पास में मेडिकल कॉलेज होने से उन्हें काफी सुविधा मिल रही है। अब दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ती और बेहतर माहौल में पढ़ाई करने का मौका मिल रहा है।