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सोनभद्र: यूरिया न मिलने पर किसानों की नोकझोंक, महुली सहकारी समिति से खाली हाथ लौटना पड़ा
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सोनभद्र के दुद्धी ब्लॉक के महुली सहकारी समिति पर सोमवार को सैकड़ों किसानों को यूरिया नहीं मिली। इससे नाराज किसानों की समिति के कर्मियों से नोकझोंक हुई। बाद में विवश होकर किसान बगैर खाद लिए ही लौट गए।
सुबह सात बजे से ही किसान खाद लेने के लिए समिति पर पहुंचने लगे थे। इसके बावजूद अधिकांश किसानों को यूरिया नहीं मिली। किसानों ने कहा कि अच्छी बारिश के बाद यूरिया की मांग अधिक है। बावजूद सहकारी समितियों में यूरिया की भारी कमी है। महुली सहकारी समिति के सचिव परमेश्वर यादव ने बताया कि 530 बोरी यूरिया का पैसा जमा किया गया था, किंतु रविवार को सहकारी समिति में दो सौ बोरी यूरिया ही भेजा गया जो सोमवार को कई किसानों में वितरित कर दिया गया।
किसानों को किसी तरह समझा कर कर वापस किया गया। सचिव ने अगले दो तीन दिनों में पुन: खाद आने की संभावना जताई। हालांकि उन्होंने समिति में डीएपी उर्वरक की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध होने की बात कही। ईश्वरी यादव, पंकज कुमार, दया राम कन्नौजिया, अनूप कुमार, अंतू सिंह, अरुण यादव, विपिन कुमार आदि किसानों ने बताया कि सुबह से कतार में लगे होने के बावजूद भी उन्हें खाद नहीं मिली।
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सुबह सात बजे से ही किसान खाद लेने के लिए समिति पर पहुंचने लगे थे। इसके बावजूद अधिकांश किसानों को यूरिया नहीं मिली। किसानों ने कहा कि अच्छी बारिश के बाद यूरिया की मांग अधिक है। बावजूद सहकारी समितियों में यूरिया की भारी कमी है। महुली सहकारी समिति के सचिव परमेश्वर यादव ने बताया कि 530 बोरी यूरिया का पैसा जमा किया गया था, किंतु रविवार को सहकारी समिति में दो सौ बोरी यूरिया ही भेजा गया जो सोमवार को कई किसानों में वितरित कर दिया गया।
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किसानों को किसी तरह समझा कर कर वापस किया गया। सचिव ने अगले दो तीन दिनों में पुन: खाद आने की संभावना जताई। हालांकि उन्होंने समिति में डीएपी उर्वरक की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध होने की बात कही। ईश्वरी यादव, पंकज कुमार, दया राम कन्नौजिया, अनूप कुमार, अंतू सिंह, अरुण यादव, विपिन कुमार आदि किसानों ने बताया कि सुबह से कतार में लगे होने के बावजूद भी उन्हें खाद नहीं मिली।
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