{"_id":"d589e82123dc38d35eb7e9ad0e0a852c","slug":"sonancl-wrapped-in-a-sheet-of-thick-fog-grew-cold-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घने कोहरे की चादर में लिपटा सोनांचल, बढ़ी ठंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घने कोहरे की चादर में लिपटा सोनांचल, बढ़ी ठंड
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Tue, 16 Dec 2014 11:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनांचल में ठंड का असर दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। पिछले चार दिनों से सूर्य के लुका छिपी का खेल जारी है। मंगलवार को जहां 11 बजे तक कोहरे की घनी चादर तनी रही।
वहीं दोपहर बाद एक बजे के करीब सूर्य के थोड़ी देर के लिए दर्शन हुआ। शाम ढलते ही कड़कड़ाती ठंड का दौर शुरू हो गया। इसके चलते लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
मंगलवार की अलसुबह से ही कोहरे की चादर तनी रही। इसके चलते बच्चों को ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ा। जिला प्रशासन के निर्देश के बावजूद नगर और गांवों के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नदारद नजर आई।
विज्ञापन
इसके चलते लोग जहां देर तक घरों में दुबके रहे। वहीं यात्रा करने वालों को ठंड का सितम बेहाल किए रहा। जिला मुख्यालय पर जहां महज राबर्ट्सगंज तहसील में अलाव जलता मिला।
वहीं ऊर्जांचल परिक्षेत्र के अनपरा, शक्तिनगर, बीजपुर, ककरी, बीना में लोगों को ठिठुरते हुए सफर करने को बाध्य होना पड़ा। इसी तरह कोहरे की चादर ने वाहनों की आवाजाही के साथ ही ट्रेनों की रफ्तार रोके रखी।
त्रिवेणी और मूरी एक्सप्रेस जहां चार से पांच घंटे देर से पहुंची। वहीं अन्य ट्रेनों का भी देर से आना-जाना लगा रहा। रोडवेज के वाहन भी कोहरे के चलते देर तक सड़कों पर रेंगते नजर आए।
वैनी संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में गलन बढ़ने से लोग बेहाल हो गए हैं। इसके बावजूद वैनी कस्बे और गांवों में अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों ने अलाव जलवाने की मांग की है।
चोपन प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में तीन दिन से मौसम की बेरूखी ने ठंड बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव न जलने से लोग परेशान हैं। उधर तमाम लोग गरीबों को गर्म वस्त्र वितरित करने के लिए नगर के लोगों से कपड़े एकत्र कर रहे हैं।
मंगलवार को सोन सेवा समिति के सदस्यों राजेश अग्रहरि, राकेश मोदनवाल, महेंद्र केशरी, बिट़्टू सिंह, मनीष तिवारी, गुड्डू सिंह ने वस्त्र एकत्रित किया।
विज्ञापन
वहीं दोपहर बाद एक बजे के करीब सूर्य के थोड़ी देर के लिए दर्शन हुआ। शाम ढलते ही कड़कड़ाती ठंड का दौर शुरू हो गया। इसके चलते लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
विज्ञापन
मंगलवार की अलसुबह से ही कोहरे की चादर तनी रही। इसके चलते बच्चों को ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ा। जिला प्रशासन के निर्देश के बावजूद नगर और गांवों के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नदारद नजर आई।
विज्ञापन
इसके चलते लोग जहां देर तक घरों में दुबके रहे। वहीं यात्रा करने वालों को ठंड का सितम बेहाल किए रहा। जिला मुख्यालय पर जहां महज राबर्ट्सगंज तहसील में अलाव जलता मिला।
वहीं ऊर्जांचल परिक्षेत्र के अनपरा, शक्तिनगर, बीजपुर, ककरी, बीना में लोगों को ठिठुरते हुए सफर करने को बाध्य होना पड़ा। इसी तरह कोहरे की चादर ने वाहनों की आवाजाही के साथ ही ट्रेनों की रफ्तार रोके रखी।
त्रिवेणी और मूरी एक्सप्रेस जहां चार से पांच घंटे देर से पहुंची। वहीं अन्य ट्रेनों का भी देर से आना-जाना लगा रहा। रोडवेज के वाहन भी कोहरे के चलते देर तक सड़कों पर रेंगते नजर आए।
वैनी संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में गलन बढ़ने से लोग बेहाल हो गए हैं। इसके बावजूद वैनी कस्बे और गांवों में अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों ने अलाव जलवाने की मांग की है।
चोपन प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में तीन दिन से मौसम की बेरूखी ने ठंड बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव न जलने से लोग परेशान हैं। उधर तमाम लोग गरीबों को गर्म वस्त्र वितरित करने के लिए नगर के लोगों से कपड़े एकत्र कर रहे हैं।
मंगलवार को सोन सेवा समिति के सदस्यों राजेश अग्रहरि, राकेश मोदनवाल, महेंद्र केशरी, बिट़्टू सिंह, मनीष तिवारी, गुड्डू सिंह ने वस्त्र एकत्रित किया।