सोन नदी: खतरे के निशान से सिर्फ 800 सेमी दूर, रिहंद के जलस्तर में भी वृद्धि; बढ़ाई गई निगरानी
सोन नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। नदी अब खतरे के निशान से महज 800 सेमी दूर है। रिहंद के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि हो रही है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में हुई भारी बारिश का असर जिले के जलाशयों और नदियों पर दिख रहा है। प्रशासन अलर्ट है और तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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मप्र और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में हुई भारी बारिश का असर जिले के बांध, जलाशय और नदियों पर दिखने लगा है। सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर 170.2 मीटर तक पहुंच गया है। यह खतरे के निशान (171 मीटर) से कुछ सेमी ही दूर है।
चोपन में नदी किनारे बने रेलवे के पंप स्टेशन से एहतियात के तौर पर एक पंप को निकालकर अन्यत्र लगा दिया गया। वहीं रिहंद बांध का जलस्तर भी अधिकतम से सिर्फ दो मीटर दूर रह गया है। हालांकि जिले की सिंचाई और पेयजल में बड़ा योगदान देने वाले धंधरौल और नगवां बांध में अभी पानी नीचे है।
गत सोमवार से लगातार चार दिनों तक जिले के कई इलाकों में भारी बारिश हुई है। मप्र व छत्तीसगढ़ में भी तेज बारिश के चलते वहां से निकलने वाली नदियां उफान पर है। सोन नदी में मप्र से पानी तेजी से आ रहा है। बृहस्पतिवार की देर रात अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा।
चोपन में नदी के घाट डूब गए। स्थिति को देखते हुए रेलवे की ओर से नदी किनारे बनाए गए पंप स्टेशन से एक मोटर को निकालकर अन्यत्र स्थापित किया गया, ताकि नदी के बढ़ने पर रेलवे कॉलोनी में जलापूर्ति बाधित न हो। नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाते हुए लोगों को सतर्क किया गया है। उधर, मप्र व छत्तीसगढ़ तक फैले रिहंद के कैचमेंट एरिया में भी पानी की आवक लगातार बनी हुई है। इसके चलते बांध के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि बनी हुई है। रिहंद बांध के साथ ओबरा बांध का जलस्तर में इजाफा हुआ है।
एसडीएम ने किया सोन नदी के घाट का निरीक्षण
चोपन। सोन नदी के तेजी से बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया है। एसडीएम ओबरा रवि कुमार ने शुक्रवार को सोन नदी के तटवर्ती क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। माप गेज का अवलोकन करते हुए जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि के बारे में तत्काल सूचना प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने रेलवे के पंप हाउस का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राजस्व निरीक्षक सुरेंद्र नाथ मिश्रा, लेखपाल चंदन शर्मा, लोकेश मिश्रा, पूर्व प्रधान दयाशंकर निषाद, भाजपा नेता प्रदीप अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
जिले के बांधों का जलस्तर
बांध - अधिकतम जलस्तर - वर्तमान
नगवां - 354.60 - 352.07
धंधरौल - 317.90 - 314.20
ओबरा - 193.24 - 193.10
रिहंद - 265.18 - 263.29