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Sonebhadra News: सोन नदी ने पार किया खतरे का निशान

Fri, 04 Sep 2026 12:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2026 12:42 AM IST
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Son River crosses danger mark
कोन क्षेत्र में सोन नदी का पानी बढ़ने पर बासबल्ली से बाइक पार करते लोग। संवाद
सोनभद्र/चोपन/कोन। मप्र में स्थित बाणसागर बांध के आठ गेट से 1.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद सोन नदी में उफान आ गया है। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद चोपन घाट पर नदी खतरे के निशान (171 मीटर) को पार कर गई। शाम तक नदी का जलस्तर 171.44 मीटर दर्ज किया गया। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से आसपास के तटवर्ती क्षेत्रों में स्थित खेतों में पानी घुस गया। पटवध-बसुहारी मार्ग पर पानी आने से आवागमन बंद कर दिया गया। चोपन में स्थापित रेलवे के पंप हाउस में भी पानी घुस गया है। नदी का जलस्तर चोपन पुल से कुछ मीटर नीचे है। डीएम-एसपी ने चोपन पहुंचकर नदी की बाढ़ का जायजा लिया और किनारे बसे गांवों में टीम भेजकर लोगों को सतर्क करने के निर्देश दिए। जलस्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है।
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सोन नदी पर निर्मित बाणसागर बांध के आठ फाटक खोलकर बुधवार की देर रात 1.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके अलावा ओबरा बांध से भी रेणुका नदी के माध्यम से करीब एक लाख क्यूसेक पानी सोन नदी में पहुंच रहा है। तटवर्ती क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश का पानी भी नदी में आ रहा है। इसके चलते अपराह्न करीब तीन बजे सोन नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। नदी में अचानक पानी बढ़ने से किनारे स्थित खेतों में लगी फसल डूब गई। चोपन में छठ घाट, सोमेश्वर घाट, रेलवे के पंप हाउस सहित किनारे के मकानों तक पानी आ गया। प्रशासन की ओर से पहले ही बैरिकेडिंग कराकर लोगों को नदी की तरफ जाने से रोक दिया गया था। उधर, कोटा के पास कनहर का पानी भी सोन नदी में आने से आगे नदी के प्रवाह में और वृद्धि दर्ज की गई। रानीडीह के पास सड़क पर पानी आने से पटवध-बसुहारी मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया।
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1975 में 175 मीटर पर पहुंचा था जलस्तर
आपदा राहत विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, 1975 में 22 अगस्त को सोन नदी का जलस्तर अधिकतम 175.61 मीटर तक पहुंचा था। यह अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। नदी ने पूर्व में भी कई बार खतरे का निशान पार किया है। 2024 में चार अगस्त को नदी खतरे के निशान को पार कर 171.3 मीटर तक पहुंची थी। इस बार तीन सितंबर को नदी का जलस्तर 171.44 मीटर दर्ज किया गया है। रिहंद, ओबरा बांध और बाणसागर बांध से लगातार पानी आने के कारण जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।
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डीएम-एसपी ने नदी किनारे बस्तियों का किया निरीक्षण
सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए डीएम चर्चित गौड़ और एसपी अभिषेक वर्मा ने चोपन में नदी के किनारे स्थित बस्तियों का औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी किनारे एवं निचले क्षेत्रों में सतत निगरानी रखी जाए। नागरिकों को समय-समय पर बढ़ते जलस्तर के प्रति सचेत किया जाए। डीएम ने नदी तट के संवेदनशील एवं आवागमन वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग कराने और सांकेतिक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी व्यक्ति नदी के किनारे अथवा तेज बहाव वाले क्षेत्र में न जाए। आवश्यकता की स्थिति में राहत एवं बचाव से संबंधित सभी व्यवस्थाएं तत्पर रखे जाने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम वित्त वागीश कुमार शुक्ला, एसडीएम ओबरा रवि कुमार पासवान, डीपीआरओ नमिता शरण, सीओ सदर रणधीर मिश्रा आदि मौजूद रहे।

सोन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। ऐसे में लोगों से अपील है कि वे विशेष सतर्कता बरतें। नदी तट, तेज बहाव एवं जलप्रवाह वाले स्थानों पर जाने से बचें और बच्चों एवं पशुओं को भी इन क्षेत्रों से दूर रखें। प्रशासन से जारी सूचनाओं एवं दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। नदी के जलस्तर एवं तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर पूरी सतर्कता के साथ निरंतर निगरानी रखी जा रही है। - चर्चित गौड़, डीएम
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