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सोन पंप कैनाल को हरी झंडी
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Sun, 18 Oct 2015 10:29 PM IST
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सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने सोन पंप कैनाल की क्षमता वृद्धि के लिए आगणन के मुताबिक 155.7 करोड़ रुपये के सापेक्ष 114 करोड़ धनराशि की स्वीकृति प्रदान कर दी है। सोन पंप के लिए अलग से 132 केवीए का पावर हाउस बनेगा। आचार संहिता समाप्त होते ही काम शुरू हो जाएगा।
जल्द ही पंजाब और हरियाणा की तरह राबट्रर्सगंज और घोरावल विधान सभा के किसान खेतों की सिंचाई करने लगेंगे। उक्त बातें रविवार को राबट्र्सगंज में अपने कैंप कार्यालय पर घोरावल विधायक रमेश चंद्र दूबे ने कहीं।
विधायक ने कहा कि जिले के किसानों को तीन सौ क्यूसेक पानी देने के लिए 1973 में सोन पंप कैनाल परियोजना स्थापित हुई थी। लेकिन भाजपा शासन के कार्यकाल में मिर्जापुर जिले के चुनार क्षेत्र के रहने वाले सिंचाई मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने सोनभद्र के किसानों के साथ छलावा करते हुए 19 अप्रैल 1997 को सोन पंप कैनाल की क्षमता वृद्धि को रोक दिया था।
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वर्ष 2012 में घोरावल विधायक ने सीएम और सिंचाई मंत्री से सोन पंप कैनाल के विस्तारीकरण कराने की मांग शुरू की। विधायक ने कहा कि 42 वर्ष पूर्व बनी सोन पंप कैनाल परियोजना जो बंद पड़ी थी अब मूर्तरूप लेने जा रही है।
बजट में सोन पंप कैनाल के लिए 42.36 करोड़ की लागत से अलग से 132 केवीए का पावर हाउस का निर्माण होगा, इसके अलावा छह नए पंपों का निर्माण व छह पुराने पंप हाउस की मरम्मत और चार चरणों में सौंदर्यीकरण कराए जाएंगे। टेल तक पानी पहुंचे इसके लिए सोन पंप नहर को चौडा करने,
नहर का सीसी लाइनिंग, सर्विस रोड के साथ अन्य कार्य त्वरित गति से कराए जाएंगे। घोरावल राजवाहा को 175 क्यूसेक, शाहगंज राजवाहा को 220 क्यूसेेक तथा मधुपुर राजवाहा को 133 क्यूसेक पानी उपलब्ध होगा। इस दौरान घोरावल विस क्षेत्र अध्यक्ष बाबूलाल यादव भी रहे।
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जल्द ही पंजाब और हरियाणा की तरह राबट्रर्सगंज और घोरावल विधान सभा के किसान खेतों की सिंचाई करने लगेंगे। उक्त बातें रविवार को राबट्र्सगंज में अपने कैंप कार्यालय पर घोरावल विधायक रमेश चंद्र दूबे ने कहीं।
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विधायक ने कहा कि जिले के किसानों को तीन सौ क्यूसेक पानी देने के लिए 1973 में सोन पंप कैनाल परियोजना स्थापित हुई थी। लेकिन भाजपा शासन के कार्यकाल में मिर्जापुर जिले के चुनार क्षेत्र के रहने वाले सिंचाई मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने सोनभद्र के किसानों के साथ छलावा करते हुए 19 अप्रैल 1997 को सोन पंप कैनाल की क्षमता वृद्धि को रोक दिया था।
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वर्ष 2012 में घोरावल विधायक ने सीएम और सिंचाई मंत्री से सोन पंप कैनाल के विस्तारीकरण कराने की मांग शुरू की। विधायक ने कहा कि 42 वर्ष पूर्व बनी सोन पंप कैनाल परियोजना जो बंद पड़ी थी अब मूर्तरूप लेने जा रही है।
बजट में सोन पंप कैनाल के लिए 42.36 करोड़ की लागत से अलग से 132 केवीए का पावर हाउस का निर्माण होगा, इसके अलावा छह नए पंपों का निर्माण व छह पुराने पंप हाउस की मरम्मत और चार चरणों में सौंदर्यीकरण कराए जाएंगे। टेल तक पानी पहुंचे इसके लिए सोन पंप नहर को चौडा करने,
नहर का सीसी लाइनिंग, सर्विस रोड के साथ अन्य कार्य त्वरित गति से कराए जाएंगे। घोरावल राजवाहा को 175 क्यूसेक, शाहगंज राजवाहा को 220 क्यूसेेक तथा मधुपुर राजवाहा को 133 क्यूसेक पानी उपलब्ध होगा। इस दौरान घोरावल विस क्षेत्र अध्यक्ष बाबूलाल यादव भी रहे।