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Sonebhadra News: कहीं पीने को नहीं मिल रहा पानी, कहीं खेतों की हो रही सिंचाई
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शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक के लोग पानी के संकट से जूझ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ जिन गांवों में हर घर नल से जल पहुंच रहा है, वहां पेयजल के लिए पानी रखने के बाद शेष पानी का प्रयोग खेतों की सिंचाई या फिर पशुओं को नहलाने के लिए हो रहा है।
जल निगम के अधिकारियों की मानें तो नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत नगवां विकास खंड के नगवां बांध पर बनी तेंदुडाही पेयजल परियोजना से 88 गांवों में, नगवां पेयजल परियोजना से 46 गांवों में और चतरा ब्लॉक अंतर्गत धंधरौल बांध पर बनी बेलाही पेयजल परियोजना से करीब 233 गांवों में हर घर नल योजना से पानी पहुंचाया जाना हैं।
अधिकांश गांवों में पेयजल परियोजना का पानी पहुंच भी रहा है। कुछ गांवों में अब भी परियोजना का पानी नहीं पहुंच रहा है। मगर कुछ गांवों में सप्लाई होने वाले पानी को खेतों में बहाया जा रहा है, तो कहीं फसलों की सिंचाई की जा रही है।
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रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के वार परसौना गांव के कई स्थानों पर खेत में लोग टोंटी लगाए हुए हैं। पीने के लिए पानी रखने के बाद लोग अपने खेतों की भराई कर रहे हैं। चतरा ब्लॉक के पड़री ग्राम पंचायत में भी कई स्थानों पर खेतों में पानी की टोंटी लगाई गई है।
सप्लाई होने वाले पानी का प्रयाेग पेयजल से बचने के बाद खुद नहाने, पशुओं को नहलाने और खेतों की सिंचाई में प्रयोग हो रहा है। यहीं हाल नगवां ब्लॉक में तेंदुडाही और नगवां परियोजना से आपूर्ति होने वाली पानी का हाल है।
नगवां और धंधरौल बांध पर बनी पेयजल परियोजनाओं का पानी अभी करीब 35 गांवों में नहीं पहुंच रहा है। कहीं ओवरहेड टंकी नहीं बनने सेतो कहीं पाइप लाइन नहीं बिछने से ग्रामीणों को पानी नहीं मिल रहा है।
नगवां ब्लॉक के एक गांव में बृहस्पतिवार को पाइप लगाकर खेत की सिंचाई करते हुए देखा गया।
इस भीषण गर्मी में एक तरफ जहां पठारी इलाके वाले गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है, दैनिक कार्यों के लिए लोग टैंकर से आपूर्ति होने वाले पानी पर निर्भर हैं। वहीं दूसरी तरफ पानी खेतों में बहाया जा रहा है।
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जल निगम के अधिकारियों की मानें तो नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत नगवां विकास खंड के नगवां बांध पर बनी तेंदुडाही पेयजल परियोजना से 88 गांवों में, नगवां पेयजल परियोजना से 46 गांवों में और चतरा ब्लॉक अंतर्गत धंधरौल बांध पर बनी बेलाही पेयजल परियोजना से करीब 233 गांवों में हर घर नल योजना से पानी पहुंचाया जाना हैं।
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अधिकांश गांवों में पेयजल परियोजना का पानी पहुंच भी रहा है। कुछ गांवों में अब भी परियोजना का पानी नहीं पहुंच रहा है। मगर कुछ गांवों में सप्लाई होने वाले पानी को खेतों में बहाया जा रहा है, तो कहीं फसलों की सिंचाई की जा रही है।
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रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के वार परसौना गांव के कई स्थानों पर खेत में लोग टोंटी लगाए हुए हैं। पीने के लिए पानी रखने के बाद लोग अपने खेतों की भराई कर रहे हैं। चतरा ब्लॉक के पड़री ग्राम पंचायत में भी कई स्थानों पर खेतों में पानी की टोंटी लगाई गई है।
सप्लाई होने वाले पानी का प्रयाेग पेयजल से बचने के बाद खुद नहाने, पशुओं को नहलाने और खेतों की सिंचाई में प्रयोग हो रहा है। यहीं हाल नगवां ब्लॉक में तेंदुडाही और नगवां परियोजना से आपूर्ति होने वाली पानी का हाल है।
नगवां और धंधरौल बांध पर बनी पेयजल परियोजनाओं का पानी अभी करीब 35 गांवों में नहीं पहुंच रहा है। कहीं ओवरहेड टंकी नहीं बनने सेतो कहीं पाइप लाइन नहीं बिछने से ग्रामीणों को पानी नहीं मिल रहा है।
नगवां ब्लॉक के एक गांव में बृहस्पतिवार को पाइप लगाकर खेत की सिंचाई करते हुए देखा गया।
इस भीषण गर्मी में एक तरफ जहां पठारी इलाके वाले गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है, दैनिक कार्यों के लिए लोग टैंकर से आपूर्ति होने वाले पानी पर निर्भर हैं। वहीं दूसरी तरफ पानी खेतों में बहाया जा रहा है।