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Sonebhadra News: कहीं मीटर बाइपास तो कहीं कटियामारी से रोशन हो रहे हाेटल और आशियाने
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सोनभद्र। जिले में बड़ी संख्या में लोग चोरी की बिजली का उपभोग कर रहे हैं। कहीं तारों पर सीधे कटिया लगाकर बिजली जला रहे हैं तो कहीं मीटर बाइपास के जरिए चोरी की जा रही है। बिजली विभाग की ओर से चलाए जा रहे अभियान के दौरान भी बिजली चोरी के कई बड़े मामले पकड़े हैं। होटल-रेस्टूरेंट और मिल में भी बड़े पैमाने पर चोरी पकड़ी गई है। पिछले छह माह के आंकड़ों पर गौर करें तो विजिलेंस टीम की हर दूसरी जांच में चोरी का मामला आया है। इसके अलावा कम भार के कनेक्शन पर अधिक लोड का उपभोग भी मिला है।
जिले में बिजली विभाग के दो डिविजन राबर्ट्सगंज और पिपरी में हैं। इनके अंतर्गत ढाई लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। करीब 60 हजार से अधिक उपभोक्ताओं पर विभाग का करोड़ों रुपये बकाया है। इनमें से कइयों के कनेक्शन भी काटे जा चुके हैं। बकाया वसूली और बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग के अधिकारी विजिलेंस टीम के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर जांच कर रहे हैं। पिछले छह माह में हुई जांच के आंकड़ों पर गौर करें तो बिजली चोरी की स्थिति चौंकाने वाली है। टीम जिस इलाके में जांच के लिए पहुंची, वहीं चोरी पकड़ी गई है। कई जगह सीधे कटिया जलाकर बिजली का उपभोग करते लोग पकड़े गए तो कहीं मीटर से बाइपास कर बिजली चोरी का मामला उजागर हुआ है।
छह माह में 3484 जांच 1652 में पकड़ी गई चोरी
बिजली विभाग के विजिलेंस टीम के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल से दस अक्तूबर तक विभागीय टीम ने कुल 3485 स्थानों पर जांच की। इसमें से बिजली चोरी के 1652 मामले पकड़े गए। यह वह मामले हैं, जिन पर केस दर्ज कराया गया। इसके अलावा 465 ऐसे प्रकरण आए, जहां कनेक्शन तो था, लेकिन लोड क्षमता से अधिक मिला। घरेलू कनेक्शन पर दुकान चलता मिला तो कहीं लाेड बढ़ाए बिना ही बेधड़क एसी जैसे अन्य उपकरणों का उपयोग प्रयोग होते मिला। हालांकि 1368 जगहों पर जांच में सब कुछ ठीक भी पाया गया। चोरी के सबसे ज्यादा मामले ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।
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केस एक : चिप लगाकर हो रही थी राइस मिल में बिजली चोरी
बिजली विभाग की विजिलेंस इकाई के डिप्टी एसपी सुरेंद्र मिश्र के निर्देशन में टीम ने इसी साल राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के सुकृत में छापा मारा था। यहां एक राइस मिल में मीटर से पहले चिप लगाकर बिजली चोरी की जा रही थी। करीब सौ किलोवाट की चोरी का मामला उजागर हुआ था।
केस दो : चोरी के कनेक्शन पर चल रहा था होटल
विजिलेंस टीम ने अनपरा के होटल की जांच की तो वहां भी बिजली चोरी का बड़ा मामला आया। चोरी के माध्यम से होटल में 18 किलोवाट की बिजली का उपभोग किया जा रहा था। इस मामले में भी विभागीय टीम ने केस दर्ज कर कार्रवाई की।
बिजली चोरी रोकने के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देशन में टीम बनाकर औचक जांच की जाती है। इस दौरान चोरी पकड़ने पर केस दर्ज कराकर कार्रवाई की जाती है। नगरीय क्षेत्र की अपेक्षा चोरी के अधिकांश मामले ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़े गए हैं। - रविकांत गुप्ता, प्रभारी विजिलेंस टीम सोनभद्र।
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जिले में बिजली विभाग के दो डिविजन राबर्ट्सगंज और पिपरी में हैं। इनके अंतर्गत ढाई लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। करीब 60 हजार से अधिक उपभोक्ताओं पर विभाग का करोड़ों रुपये बकाया है। इनमें से कइयों के कनेक्शन भी काटे जा चुके हैं। बकाया वसूली और बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग के अधिकारी विजिलेंस टीम के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर जांच कर रहे हैं। पिछले छह माह में हुई जांच के आंकड़ों पर गौर करें तो बिजली चोरी की स्थिति चौंकाने वाली है। टीम जिस इलाके में जांच के लिए पहुंची, वहीं चोरी पकड़ी गई है। कई जगह सीधे कटिया जलाकर बिजली का उपभोग करते लोग पकड़े गए तो कहीं मीटर से बाइपास कर बिजली चोरी का मामला उजागर हुआ है।
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छह माह में 3484 जांच 1652 में पकड़ी गई चोरी
बिजली विभाग के विजिलेंस टीम के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल से दस अक्तूबर तक विभागीय टीम ने कुल 3485 स्थानों पर जांच की। इसमें से बिजली चोरी के 1652 मामले पकड़े गए। यह वह मामले हैं, जिन पर केस दर्ज कराया गया। इसके अलावा 465 ऐसे प्रकरण आए, जहां कनेक्शन तो था, लेकिन लोड क्षमता से अधिक मिला। घरेलू कनेक्शन पर दुकान चलता मिला तो कहीं लाेड बढ़ाए बिना ही बेधड़क एसी जैसे अन्य उपकरणों का उपयोग प्रयोग होते मिला। हालांकि 1368 जगहों पर जांच में सब कुछ ठीक भी पाया गया। चोरी के सबसे ज्यादा मामले ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।
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केस एक : चिप लगाकर हो रही थी राइस मिल में बिजली चोरी
बिजली विभाग की विजिलेंस इकाई के डिप्टी एसपी सुरेंद्र मिश्र के निर्देशन में टीम ने इसी साल राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के सुकृत में छापा मारा था। यहां एक राइस मिल में मीटर से पहले चिप लगाकर बिजली चोरी की जा रही थी। करीब सौ किलोवाट की चोरी का मामला उजागर हुआ था।
केस दो : चोरी के कनेक्शन पर चल रहा था होटल
विजिलेंस टीम ने अनपरा के होटल की जांच की तो वहां भी बिजली चोरी का बड़ा मामला आया। चोरी के माध्यम से होटल में 18 किलोवाट की बिजली का उपभोग किया जा रहा था। इस मामले में भी विभागीय टीम ने केस दर्ज कर कार्रवाई की।
बिजली चोरी रोकने के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देशन में टीम बनाकर औचक जांच की जाती है। इस दौरान चोरी पकड़ने पर केस दर्ज कराकर कार्रवाई की जाती है। नगरीय क्षेत्र की अपेक्षा चोरी के अधिकांश मामले ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़े गए हैं। - रविकांत गुप्ता, प्रभारी विजिलेंस टीम सोनभद्र।