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आर्थिक पैकेज से लघु उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा ..
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सोनभद्र। कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऐलान के बाद बुधवार को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने भी आर्थिक पैकेज के तहत मिलने वाली राहत की जानकारी दी। इसमें देश के अंदर रेलवे, सड़क, हाइवे का काम कर रही कंपनियों को राहत देने के साथ कांट्रक्शन कंपनियों को प्रोजेक्ट पूरा करने में छह महीने की छूट दी जाएगी। बिल्डरों को भी मकान का निर्माण पूरा करने के लिए छ: महीने की छूट मिलेगी। जबकि कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों के टीडीएस में 25 प्रतिशत कम कटौती तथा 12 प्रतिशत की जगह 10 प्रतिशत ईपीएफ कटौती की जाएगी। हालांकि व्यवसायियों का कहना है कि उम्मीदें बहुत थी। उसके मुकाबले राहत बहुत थोड़ी मिली।
किराना व्यापारी श्याम केशरी ने बताया कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए की गई 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज स्वागत योग्य है। केंद्र की योजनाएं जनता तक पहुंचे इस पर ईमानदारी से ध्यान देने की जरूरत है। इनकम टैक्स रिटर्न भरने की तिथि तो बढ़ाई गई है। लेकिन इस पर जो ब्याज लगना है उस पर कोई राहत नहीं दी गई।
वहीं कपड़ा व्यवसायी सत्यपाल जैन ने कहा कि सरकार की देश को आत्मनिर्भर बनाने की 20 लाख करोड़ रुपये की घोषणा का छोटे व्यापारियों को कोई लाभ नहीं है। सरकार ने मध्यम वर्गीय दुकानदारों के लिए कोई घोषणा नहीं किया है। उनकी जो भी देनदारी है वो तीन माह के लिए बढ़ा दिया है। तीन महीने तक की छूट दी गई है कि तीन माह बाद देनदारी दे सकेंगे। व्यापारियों को इनकम टैक्स रिर्टन अगस्त तक भरना पड़ता था। अब वो नवंबर तक कर दिया गया।
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उधर बिंल्डिंग मैटेरियल के कारोबारी अजीत जायसवाल ने ने कहा कि केंद्र सरकार के आर्थिक पैकेज से छोटे उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इससे कारखाने चलेंगे तो लोगों को रोजगार मिलेगा। आय का श्रोत मिलने से राजस्व बढ़ेगा। अर्थव्यवस्था पटरी पर आएगी। इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिलेगा।
उधर स्टेशनरी व्यापारी प्रदीप जैन ने कहा कि छोटे और मझोले व्यापारियों को बड़ी राहत की उम्मीद थी। लेकिन इनकम टैक्स रिटर्न भरने केे अवधि बढ़ाने के अलावा कोई विशेष राहत नहीं मिली है। ईएमआई, बिजली बिल में छूट की उम्मीद थी।
इसके अलावा सरिया कारोबारी बलकार सिंह ने कहा कि संकट काल में अर्थव्यवस्था का पहिया जो रुक गया था उसको चलाने के लिए प्रधानमंत्री जी ने 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज की घोषणा की है, उससे निवेश को आकर्षिक करेगा। समय की मांग है मजदूरों लघु उद्योग एवं कुटीर उद्योग को मजबूत करना है। आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए हम सरकार के फैसले के साथ हैं।
इसके अतिरिक्त जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष रत्नलाल गर्ग ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के आर्थिक पैकेज के घोषणे का स्वागत करता हूं। इससे मऌध्यम वर्गीय उद्योगों को लाभ मिलेगा। ज्यादातर स्कीम आत्मनिर्भर बनाने के लिए है। मध्यम, लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बहुत तरह के प्लान तैयार किया है। इसमें तीन लाख करोड़ रुपये देने का प्राविधान किया है। आर्थिक गतिविधिया बढने से सभी वर्ग के लोगों को लाभ होगा।
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किराना व्यापारी श्याम केशरी ने बताया कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए की गई 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज स्वागत योग्य है। केंद्र की योजनाएं जनता तक पहुंचे इस पर ईमानदारी से ध्यान देने की जरूरत है। इनकम टैक्स रिटर्न भरने की तिथि तो बढ़ाई गई है। लेकिन इस पर जो ब्याज लगना है उस पर कोई राहत नहीं दी गई।
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वहीं कपड़ा व्यवसायी सत्यपाल जैन ने कहा कि सरकार की देश को आत्मनिर्भर बनाने की 20 लाख करोड़ रुपये की घोषणा का छोटे व्यापारियों को कोई लाभ नहीं है। सरकार ने मध्यम वर्गीय दुकानदारों के लिए कोई घोषणा नहीं किया है। उनकी जो भी देनदारी है वो तीन माह के लिए बढ़ा दिया है। तीन महीने तक की छूट दी गई है कि तीन माह बाद देनदारी दे सकेंगे। व्यापारियों को इनकम टैक्स रिर्टन अगस्त तक भरना पड़ता था। अब वो नवंबर तक कर दिया गया।
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उधर बिंल्डिंग मैटेरियल के कारोबारी अजीत जायसवाल ने ने कहा कि केंद्र सरकार के आर्थिक पैकेज से छोटे उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इससे कारखाने चलेंगे तो लोगों को रोजगार मिलेगा। आय का श्रोत मिलने से राजस्व बढ़ेगा। अर्थव्यवस्था पटरी पर आएगी। इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिलेगा।
उधर स्टेशनरी व्यापारी प्रदीप जैन ने कहा कि छोटे और मझोले व्यापारियों को बड़ी राहत की उम्मीद थी। लेकिन इनकम टैक्स रिटर्न भरने केे अवधि बढ़ाने के अलावा कोई विशेष राहत नहीं मिली है। ईएमआई, बिजली बिल में छूट की उम्मीद थी।
इसके अलावा सरिया कारोबारी बलकार सिंह ने कहा कि संकट काल में अर्थव्यवस्था का पहिया जो रुक गया था उसको चलाने के लिए प्रधानमंत्री जी ने 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज की घोषणा की है, उससे निवेश को आकर्षिक करेगा। समय की मांग है मजदूरों लघु उद्योग एवं कुटीर उद्योग को मजबूत करना है। आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए हम सरकार के फैसले के साथ हैं।
इसके अतिरिक्त जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष रत्नलाल गर्ग ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के आर्थिक पैकेज के घोषणे का स्वागत करता हूं। इससे मऌध्यम वर्गीय उद्योगों को लाभ मिलेगा। ज्यादातर स्कीम आत्मनिर्भर बनाने के लिए है। मध्यम, लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बहुत तरह के प्लान तैयार किया है। इसमें तीन लाख करोड़ रुपये देने का प्राविधान किया है। आर्थिक गतिविधिया बढने से सभी वर्ग के लोगों को लाभ होगा।